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Chandigarh News: बच्चों की परेशानी समझें, सिर्फ समस्या नहीं
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पीजीआई में शिक्षकों-काउंसलरों की कार्यशाला, तनाव से जूझ रहे बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार पर जोर
चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर में वीरवार को किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। ‘स्कूल्स दैट हील : अंडरस्टैंडिंग एडवर्सिटी, बिल्डिंग रेजिलिएंस’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और काउंसलरों को बच्चों की परेशानियों को समझने और उनकी मदद करने के तरीके बताना रहा। कार्यशाला में चुने गए स्कूलों के प्रिंसिपल, छठी से आठवीं कक्षा के शिक्षक, स्कूल काउंसलर और स्वास्थ्य से जुड़े कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि बचपन में होने वाला तनाव, घरेलू समस्याएं और अन्य मुश्किल अनुभव बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई और भावनाओं पर असर डाल सकते हैं।
डांटने के बजाय बच्चों की बात सुनने पर जोर
विशेषज्ञों ने शिक्षकों को ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करने के तरीके बताए। कहा गया कि बच्चों को डांटने या उनकी परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात ध्यान से सुनना और समझना जरूरी है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
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चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर में वीरवार को किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। ‘स्कूल्स दैट हील : अंडरस्टैंडिंग एडवर्सिटी, बिल्डिंग रेजिलिएंस’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और काउंसलरों को बच्चों की परेशानियों को समझने और उनकी मदद करने के तरीके बताना रहा। कार्यशाला में चुने गए स्कूलों के प्रिंसिपल, छठी से आठवीं कक्षा के शिक्षक, स्कूल काउंसलर और स्वास्थ्य से जुड़े कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि बचपन में होने वाला तनाव, घरेलू समस्याएं और अन्य मुश्किल अनुभव बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई और भावनाओं पर असर डाल सकते हैं।
डांटने के बजाय बच्चों की बात सुनने पर जोर
विशेषज्ञों ने शिक्षकों को ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करने के तरीके बताए। कहा गया कि बच्चों को डांटने या उनकी परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात ध्यान से सुनना और समझना जरूरी है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
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