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Chandigarh News: एनएचएम कर्मियों का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और तेज होगा
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चंडीगढ़। एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर सोमवार तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गौर हो कि पिछले तीन दिन से हड़ताल कर रहे प्रदेश के हजारों एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) कर्मचारियों ने सोमवार तक हड़ताल का ऐलान किया हुआ है और अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो संगठन नए सिरे से संघर्ष का ऐलान करेगा।
रविवार को छुट्टी के बावजूद प्रदेशभर में हड़ताल रखी गई। जिला अस्पतालों के बाहर धरने, प्रदर्शन जारी रहे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस बार सरकार से आर-पार की लड़ाई होगी। हर बार केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन इस बार बिना मांगें पूरी हुए पीछे नहीं हटेंगे। संयुक्त मोर्चा की अगुवाई कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र वत्स व एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव हरिराज ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार हड़ताल के लिए मजबूर कर रही है। कहा कि कोविड-19 में एनएचएम कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए एनएचएम को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, लेकिन आज तीन साल बाद भी 7वें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पाया।
आरोप लगाया कि वित्त विभाग की ओर से सरकार के इशारे पर सेवा नियम को फ्रीज करने के निर्देश जारी किए गए और वेतन को समेकित करने के निर्देश भी दिए गए है। सांझा मोर्चा के नेताओं ने सरकार को चेताया कि अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों पर निर्धारित समयसीमा में कार्यवाही नहीं करती है तो एनएचएम कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।
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रविवार को छुट्टी के बावजूद प्रदेशभर में हड़ताल रखी गई। जिला अस्पतालों के बाहर धरने, प्रदर्शन जारी रहे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस बार सरकार से आर-पार की लड़ाई होगी। हर बार केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन इस बार बिना मांगें पूरी हुए पीछे नहीं हटेंगे। संयुक्त मोर्चा की अगुवाई कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र वत्स व एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव हरिराज ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार हड़ताल के लिए मजबूर कर रही है। कहा कि कोविड-19 में एनएचएम कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए एनएचएम को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, लेकिन आज तीन साल बाद भी 7वें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पाया।
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आरोप लगाया कि वित्त विभाग की ओर से सरकार के इशारे पर सेवा नियम को फ्रीज करने के निर्देश जारी किए गए और वेतन को समेकित करने के निर्देश भी दिए गए है। सांझा मोर्चा के नेताओं ने सरकार को चेताया कि अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों पर निर्धारित समयसीमा में कार्यवाही नहीं करती है तो एनएचएम कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।
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