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Chandigarh News: दो बार की सांसद किरण खेर का टिकट कटा, भाजपा ने संजय टंडन को मैदान में उतारा
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चंडीगढ़। भाजपा ने चंडीगढ़ सीट पर दो बार की सांसद किरण खेर का टिकट काट दिया है और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को मैदान में उतारा है। टिकट मिलने की सूचना मिलते ही कई कार्यकर्ता टंडन के घर पहुंच गए और उनका मुंह मीठा कराया। टंडन ने पार्टी हाईकमान का धन्यवाद किया और चंडीगढ़ से जीत का दम भरा। सांसद किरण खेर ने भी ट्वीट कर टंडन को बधाई दी।टिकट की घोषणा के बाद संजय टंडन सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदेश प्रभारी विजय रुपाणी, प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद समेत अन्य नेताओं ने स्वागत किया। अपने संबोधन के दौरान टंडन भावुक हो गए। उन्होंने पिता, संघ परिवार और भाजपा में बतौर कार्यकर्ता अपने पुराने दौर को याद किया और टिकट के लिए 2009 में पहली बार दिल्ली तक की दौड़ और 2014 व 2019 में टिकट कटने तक के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि किरण खेर ने पिछले 10 साल में चंडीगढ़ की सेवा की है। स्वास्थ्य से जूझते हुए भी उन्होंने बहुत ही बहादुरी से शहर की समस्याओं का समाधान कराया। टंडन ने कहा कि शहर के कई मुद्दे केंद्र के स्तर पर लंबित हैं। उनका पहला प्रयास रहेगा कि केंद्र स्तर पर लंबित सभी मुद्दों को हल कराया जाए। मेट्रो के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पंजाब और हरियाणा के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। वह भी उन कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
चलो संजय जी का मोक्ष हो गया...
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि प्रत्याशी कौन होगा, यह इंतजार आज समाप्त हुआ है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के साथ वह क्षण आ गया है। उन्होंने मुस्कुराहट बिखेरते हुए कहा कि चलो संजय जी का मोक्ष हो गया क्योंकि पिछले दो बार से उनकी बारी नहीं आई थी लेकिन वह एक कार्यकर्ता के रूप में लगे रहे। स्थानीय नेता चंडीगढ़ से उम्मीदवार बनाना चाहिए, यह विचार चल रहा था और खुशी की बात यह है कि आलाकमान ने स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हुए टिकट का फैसला लिया है।
टंडन की राह नहीं आसान, गठबंधन से मुकाबला
संजय टंडन की राह इस बार आसान नहीं रहने वाली है क्योंकि लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि टिकट पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल को मिल सकती है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच जीत के लिए कड़ी टक्कर होगी क्योंकि दोनों ही स्थानीय नेता है और दोनों के चंडीगढ़ में चाहने वाले कई लोग हैं।
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संजय टंडन का परिचय
जन्म तिथिः 10-9-1963 (अमृतसर)
शिक्षाः शुरुआती पढ़ाई अमृतसर और उसके बाद चंडीगढ़, चार्टर्ड अकाउंटेंट
कॉलेजः डीएवी कॉलेज चंडीगढ़
अन्य दायित्वः चेयरमैन कंपीटेंट ग्रुप, संस्थापक कंपीटेंट फाउंडेशन, संस्थापक बलरामदास जी टंडन फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डीएवी कॉलेज एलुमनी
पिताः बलरामदास टंडन, पूर्व राज्यपाल छत्तीसगढ़ (पंजाब से पांच बार विधायक)
वर्तमान पदः सह-प्रभारी, हिमाचल प्रदेश भाजपा
वर्जन -
मैं पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने हमें अच्छा और स्थानीय उम्मीदवार दिया है। मैं पार्टी हाईकमान को विश्वास दिलाता हूं कि हम चंडीगढ़ की सीट 60 फीसदी से ज्यादा वोट लेकर जीतेंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि भाजपा 400 पार का जो मुकाम है, उसे जरूर हासिल करेगी। - जेपी मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
संजय टंडन को चंडीगढ़ निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुने जाने पर बधाई। उन्हें आगामी अभियान के लिए शुभकामनाएं। - किरण खेर, सांसद
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चलो संजय जी का मोक्ष हो गया...
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि प्रत्याशी कौन होगा, यह इंतजार आज समाप्त हुआ है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के साथ वह क्षण आ गया है। उन्होंने मुस्कुराहट बिखेरते हुए कहा कि चलो संजय जी का मोक्ष हो गया क्योंकि पिछले दो बार से उनकी बारी नहीं आई थी लेकिन वह एक कार्यकर्ता के रूप में लगे रहे। स्थानीय नेता चंडीगढ़ से उम्मीदवार बनाना चाहिए, यह विचार चल रहा था और खुशी की बात यह है कि आलाकमान ने स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हुए टिकट का फैसला लिया है।
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टंडन की राह नहीं आसान, गठबंधन से मुकाबला
संजय टंडन की राह इस बार आसान नहीं रहने वाली है क्योंकि लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि टिकट पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल को मिल सकती है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच जीत के लिए कड़ी टक्कर होगी क्योंकि दोनों ही स्थानीय नेता है और दोनों के चंडीगढ़ में चाहने वाले कई लोग हैं।
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संजय टंडन का परिचय
जन्म तिथिः 10-9-1963 (अमृतसर)
शिक्षाः शुरुआती पढ़ाई अमृतसर और उसके बाद चंडीगढ़, चार्टर्ड अकाउंटेंट
कॉलेजः डीएवी कॉलेज चंडीगढ़
अन्य दायित्वः चेयरमैन कंपीटेंट ग्रुप, संस्थापक कंपीटेंट फाउंडेशन, संस्थापक बलरामदास जी टंडन फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डीएवी कॉलेज एलुमनी
पिताः बलरामदास टंडन, पूर्व राज्यपाल छत्तीसगढ़ (पंजाब से पांच बार विधायक)
वर्तमान पदः सह-प्रभारी, हिमाचल प्रदेश भाजपा
वर्जन -
मैं पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने हमें अच्छा और स्थानीय उम्मीदवार दिया है। मैं पार्टी हाईकमान को विश्वास दिलाता हूं कि हम चंडीगढ़ की सीट 60 फीसदी से ज्यादा वोट लेकर जीतेंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि भाजपा 400 पार का जो मुकाम है, उसे जरूर हासिल करेगी। - जेपी मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
संजय टंडन को चंडीगढ़ निर्वाचन क्षेत्र के लिए भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुने जाने पर बधाई। उन्हें आगामी अभियान के लिए शुभकामनाएं। - किरण खेर, सांसद