{"_id":"5c533f80bdec224a620fdd21","slug":"two-telescopes-installed-in-border-for-visit-to-gurdwara-shri-kartarpur-sahib","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब और भी अच्छे से कर सकेंगे गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब के दर्शन, सीमा पर लगीं दो और दूरबीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब और भी अच्छे से कर सकेंगे गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब के दर्शन, सीमा पर लगीं दो और दूरबीनें
Fri, 01 Feb 2019 09:33 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 01 Feb 2019 09:33 AM IST
विज्ञापन
सीमा पर लगी दो नई दूरबीनें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए भारत-पाक सीमा पर बने दर्शन स्थल पर दो बड़ी नई दूरबीनें लगाई गईं। जब तक करतारपुर कॉरिडोर चालू नहीं होता तब तक संगत गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन बड़ी संख्या में कर सकेंगी। बता दें कि इससे पहले वर्षों पुरानी दूरबीन लगी थी। इन्हीं में से एक से श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब के दर्शन किया करते थे।
विज्ञापन
अब दो नई दूरबीन लगने से एक समय में तीन संगत पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगी। पंजाब के जेल और सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इनका उद्घाटन किया। इस मौके पर बटाला के डॉ. सतनाम सिंह निझर, बटाला के तहसीलदार अरविंद सलवान मौजूद थे। कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए दर्शनस्थल पर पुरानी दूरबीन लगी थी और पुरानी होने की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई थी।
विज्ञापन
रंधावा ने कहा कि जब तक कॉरिडोर चालू नहीं होता तब तक संगत इन दूरबीनों से गुरुद्वारा साहिब के दर्शन और भी बढ़िया ढंग से कर सकेगी। रंधावा ने कहा कि कॉरिडोर निर्माण के लिए सर्वे टीमें अपना काम कर रही हैं और आज भी गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की एक टीम श्री डेरा बाबा नानक में अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जमीन का अधिग्रहण करना भारत सरकार का काम है और वह इसके लिए लगभग पूरी तरह तैयार है।
विज्ञापन
रंधावा के मुताबिक जमीन अधिग्रहण के बाद करीब एक महीने में कॉरिडोर के लिए सड़कें तैयार होगी। रंधावा ने इस बात को माना कि पाकिस्तान की तरफ से कॉरिडोर निर्माण का काम भारत के मुकाबले तेज है। किसानों के मुआवजे को लेकर किए सवाल में रंधावा ने बताया कि अभी उन्हें इस बात का पता नहीं चला है कि मुआवजे की राशि क्या होगी। लेकिन उन्हें यह विश्वास है कि अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भारत सरकार किसानों को ठीक राशि में देगी।