बेअदबी मामला: एडीजीपी का दावा- नहीं हुई बेअदबी, दो टीमें करेंगी जांच, मृतक की नहीं हो सकी पहचान
फगवाड़ा बेअदबी मामले की जांच पुलिस की दो विशेष टीमें करेंगी। जल्द ही पुलिस बड़ा खुलासा कर सकती है। वहीं मृतक व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। एडीजीपी का दावा है कि गुरुद्वारा साहिब में किसी भी तरह की कोई बेअदबी नहीं हुई है।
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पंजाब के फगवाड़ा में बेअदबी के संदेह में हत्या के मामले में पंजाब के एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि मंगलवार तड़के कत्ल की घटना का 24 घंटे में पूरा खुलासा करेंगे। ढिल्लों ने बताया कि गिरफ्तार रमनदीप सिंह पहले भी जेल जा चुका है लेकिन इस पर कत्ल का यह पहला मामला है।
उन्होंने एक बार फिर दावे से कहा कि गुरुद्वारा साहिब में किसी भी तरह की कोई बेअदबी नहीं हुई है। अब तक की पुलिस जांच में बेअदबी होने का कोई सुबूत नहीं मिला है। आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम की पुलिस डिजिटल सबूत के अलावा हर पहलू पर गहनता से जांच करेगी। वहीं, सिख संगत फगवाड़ा ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर संगत को गुरुद्वारा साहिब जाने से रोका जो बहुत निंदनीय है।
एडीजीपी ने कहा कि हर तथ्य से जांच कर मृतक की पहचान जल्द की जाएगी। पुलिस मृतक की पहचान करने के नजदीक पहुंच गई है। मंगलवार को फगवाड़ा के एसपी के कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजीपी ढिल्लों ने कहा कि इस घटना की पड़ताल के लिए एसएसपी कपूरथला वत्सला गुप्ता की निगरानी में और एसपी फगवाड़ा गुरप्रीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।
वहीं, डीआईजी जालंधर रेंज एस. भूपति की निगरानी में भी टीम गठित की गई है। एसपी-फगवाड़ा को अलग से जांच करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यह टीम गुरुद्वारा साहिब में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालेगी और जरूरत पड़ने पर मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी लेगी। उन्होंने कहा कि मृतक व्यक्ति की पहचान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उम्मीद है कि जल्द इसकी पहचान हो जाएगी। मृतक का पोस्टमार्टम डॉक्टरों का बोर्ड करेगा।
जांच के बाद जोड़ी जा सकती है हत्या की धारा
एडीजीपी ने कहा कि जांच के बाद इस केस में कत्ल की धारा भी जोड़ी जा सकती है। मामले को डीजीपी गौरव यादव खुद मॉनीटर कर रहे हैं। मेरिट के आधार पर पुलिस जांच करके कार्रवाई करेगी। तीन घंटे तक निहंग सिंह की कस्टडी से मृतक को बचाने में पुलिस के नाकाम रहने के सवाल पर एडीजीपी ढिल्लों ने माना कि पहले लगा कि पुलिस एक जान बचाने में विफल रही है लेकिन इस मामले को सुलझाने में लगी टीम से लाइन ऑफ एक्शन जाना गया तो धार्मिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अच्छा काम किया, जिससे लॉ एंड आर्डर की स्थिति भंग न हो। पुलिस टीम ने बढ़िया ढंग से मामले को सुलझाने में भूमिका निभाई है।