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कांग्रेस राज में दो किसानों ने कर ली खुदकुशी, इनकी दर्द भरी कहानी रुला देगी
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा(पंजाब)
Updated Fri, 05 May 2017 09:47 AM IST
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किसानों ने किया सुसाइड
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में दस साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने चुनाव में किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था। लेकिन कैप्टन सरकार का वो वादा अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। लेकिन किसानों की खुदकुशी ने कैप्टन के उन वादों पर बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है। पंजाब में दो किसानों ने खुदकुशी कर ली। मानसा में कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान गांव रंगढियाल के एक किसान ने वीरवार सुबह जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। मृतक की पहचान बेअंत सिंह के तौर पर हुई है।
उसके पास तीन एकड़ जमीन थी। वह इस जमीन या ठेके पर अन्य जमीन लेकर अपने परिवार का पेट पालता था। किसान पर बैंक की लिमिट, सहकारी सभा और प्राइवेट देनदारी समेत करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। उसने इसको उतारने की कोशिश भी की।
बीते साल किसान की एक एकड़ जमीन भी कर्ज की भेंट चढ़ गई थी, जिस वजह से वह परेशान रहता था। वीरवार सुबह उसने अपने खेत में ही कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। पारिवारिक सदस्यों के अनुसार बेअंत सिंह का 20 साल बेटा गुरसेवक सिंह 12वीं कक्षा में पढ़ता था, जिसको आर्थिक तंगी की वजह से स्कूल से भी हटा लिया गया। थाना बरेटा में 174 की कार्रवाई कर ली। गांववासियों ने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।
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उसके पास तीन एकड़ जमीन थी। वह इस जमीन या ठेके पर अन्य जमीन लेकर अपने परिवार का पेट पालता था। किसान पर बैंक की लिमिट, सहकारी सभा और प्राइवेट देनदारी समेत करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। उसने इसको उतारने की कोशिश भी की।
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बीते साल किसान की एक एकड़ जमीन भी कर्ज की भेंट चढ़ गई थी, जिस वजह से वह परेशान रहता था। वीरवार सुबह उसने अपने खेत में ही कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। पारिवारिक सदस्यों के अनुसार बेअंत सिंह का 20 साल बेटा गुरसेवक सिंह 12वीं कक्षा में पढ़ता था, जिसको आर्थिक तंगी की वजह से स्कूल से भी हटा लिया गया। थाना बरेटा में 174 की कार्रवाई कर ली। गांववासियों ने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।
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दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए बन गया था 8 लाख का कर्जदार
ज़हर खाकर किसान ने की खुदकुशी
- फोटो : Demo Pic
मानसा के ही गांव उड़त भगतराम में एक कर्जदार किसान ने बुधवार रात सल्फास निगलकर जान दे दी। मृतक किसान की पहचान बलजीत सिंह (40) के तौर पर हुई है। उस पर 8 लाख रुपये कर्ज था। मनदीप कौर ने बताया कि उसके पति बलजीत डेढ़ एकड़ जमीन के मालिक थे। उन्होंने अपने दिव्यांग बेटे के इलाज पर लाखों खर्च किए। इस वजह से वह अक्सर परेशान रहते थे। इस परेशानी और सिर पर चढ़े कर्ज से आहत होकर उन्होंने बुधवार रात सल्फास निगलकर अपनी जान दे दी।
गांव उड़त भगतराम के मृतक किसान बलजीत सिंह दो बेटियों और एक दिव्यांग बेटे का पिता था। अपने दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए उसने कर्ज उठा लिया, जो बढ़कर 8 लाख रुपये हो गया। इस वजह से किसान बलजीत सिंह लगातार परेशान रहने लगा। रिश्तेदारों ने बताया कि उसका घर का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो गया था। किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह ने सरकार से मांग की है कि किसान का कर्ज माफ किया जाए। साथ ही मृतक के परिवार को योग्य मुआवजा दिया जाए। पुलिस ने धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया है।