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कला भवन में थियेटर फेस्टिवल, पहले दिन 'चन्नों बाजीगरनी' का मंचन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 08 Sep 2016 01:17 PM IST
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पंजाब कला भवन में चन्नों बाजीगरनी का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब कला भवन में शुरू हुए थियेटर फेस्टिवल के पहले दिन सत्कार रंग मंच की ओर से 'चन्नों बाजीगरनी' नाटक का मंचन किया गया। चरण दास सिद्धू के लिखे नाटक का निर्देशन जसबीर सिंह ने किया। चन्नों बाजीगरनी नाटक में कलाकारों ने दर्शाया कि मंजिल पाने के लिए सही रास्ते को चुनना जरूरी है। आज के समय में हर युवा में इतनी प्रतिभा है कि वह मेहनत कर हर मुकाम हासिल कर सकता है, जिसे वह हासिल करना चाहते हैं। लेकिन कई बार उनके द्वारा उठाया एक गलत कदम उनकी जिंदगी बर्बाद कर देता है।
कुछ ऐसा ही दृश्य नाटक चन्नो बाजीगरनी में देखने को मिला। इसकी कहानी चन्नो नाम की लड़की के इर्द गिर्द घूमती है। जो एक बाजीगर परिवार में जन्म लेती है और भविष्य में बाजीगरी न करके कोई और काम कर अपना नाम रोशन करना चाहती है। इसके लिए वह दिन रात मेहनत भी करती है। इसी बीच उसे राजीव नाम के लड़के से प्यार हो जाता है। दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं। चन्नों राजीव के लिए अपने परिवार को छोड़ने के लिए तैयार हो जाती है। लेकिन कुछ दिन बाद उसे पता चलता है कि राजीव के किसी एनआरआई लड़की से संबंध है।
जब वह राजीव से इस बारे में पूछती है तो वह उसे उसकी जाति के बारे में काफी गलत बोलता है। राजीव के इस व्यवहार को चन्नो सहन नहीं कर पाती है और राजीव को मार देती है। उसके बाद चन्नो को अदालत में पेश किया जाता है जहां पर उसका भविष्य और सपने दाव पर लग जाते हैं। लेकिन अदालत चन्नो के हक में फैसला सुनाती है और वह जीत जाती है।
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निर्देशक जसबीर सिंह ने बताया कि नाटक को पेश करने का एक कारण लड़की के सपने पूरे करने के साथ-साथ सही रास्ता दिखाना भी है। अगर सपने पूरे करने हैं तो जरूरत है कि सही इंसान का चयन किया जाए। गलत रास्ते का चयन इंसान का जीवन बर्बाद कर देता है। नाटक में सन्नी गिल, नीतू शर्मा, मनप्रीत मनी, संदीप शर्मा, गुरफतेह सिंह, अनिल शर्मा सरफराज, रनवीत कौर, हरप्रीत कौर, श्वेता शर्मा ने शानदार मंचन किया।
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कुछ ऐसा ही दृश्य नाटक चन्नो बाजीगरनी में देखने को मिला। इसकी कहानी चन्नो नाम की लड़की के इर्द गिर्द घूमती है। जो एक बाजीगर परिवार में जन्म लेती है और भविष्य में बाजीगरी न करके कोई और काम कर अपना नाम रोशन करना चाहती है। इसके लिए वह दिन रात मेहनत भी करती है। इसी बीच उसे राजीव नाम के लड़के से प्यार हो जाता है। दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं। चन्नों राजीव के लिए अपने परिवार को छोड़ने के लिए तैयार हो जाती है। लेकिन कुछ दिन बाद उसे पता चलता है कि राजीव के किसी एनआरआई लड़की से संबंध है।
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जब वह राजीव से इस बारे में पूछती है तो वह उसे उसकी जाति के बारे में काफी गलत बोलता है। राजीव के इस व्यवहार को चन्नो सहन नहीं कर पाती है और राजीव को मार देती है। उसके बाद चन्नो को अदालत में पेश किया जाता है जहां पर उसका भविष्य और सपने दाव पर लग जाते हैं। लेकिन अदालत चन्नो के हक में फैसला सुनाती है और वह जीत जाती है।
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निर्देशक जसबीर सिंह ने बताया कि नाटक को पेश करने का एक कारण लड़की के सपने पूरे करने के साथ-साथ सही रास्ता दिखाना भी है। अगर सपने पूरे करने हैं तो जरूरत है कि सही इंसान का चयन किया जाए। गलत रास्ते का चयन इंसान का जीवन बर्बाद कर देता है। नाटक में सन्नी गिल, नीतू शर्मा, मनप्रीत मनी, संदीप शर्मा, गुरफतेह सिंह, अनिल शर्मा सरफराज, रनवीत कौर, हरप्रीत कौर, श्वेता शर्मा ने शानदार मंचन किया।