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टपकने लगी दो छतें, होनहारों को जान का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 16 Sep 2014 12:02 AM IST
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पानीपत। सावन सूखा पड़ने के बाद भादो माह में हुई बारिश में शहर के दो प्राइमरी स्कूलों की छत टपकने लगी है। ऐसे में किसी भी दिन बारिश होने पर कोई भी हादसा होने का डर बना है।
मौसम खराब होते ही होनहारों को पढ़ाई से ज्यादा अपनी जान की फिक्र हो जाती है। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों का दौरा करने तक ही सीमित हैं।
इस सावन माह पूरी तरह से सूखा बीत गया और भादो माह की दो-चार बारिश में ही सब प्रबंधों को हिला दिया। इसी बीच शहर के वार्ड-11 और आजाद नगर स्थित प्राइमरी स्कूलों की छत भी जवाब दे गई।
दोनों स्कूलों की छतों से बरसात का पानी टपकने लगा। स्कूल प्रमुखों ने हादसे के डर के चलते शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी और इसके समाधान की मांग की।
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शहर के वार्ड-11 स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल में पांच कमरे हैं और स्कूल में 309 विद्यार्थी हैं। स्कूल के पांचों कमरे जर्जर हो गए हैं और यहां पर बारिश की दो बूंदे भी छत से सीधे फर्श पर आ पड़ती हैं। ऐसे में यहां पर मिड-डे मील का कमरा भी नहीं बचा हुआ। बारिश में कई बार राशन तक भीग जाता है।
राजकीय प्राइमरी स्कूल आजाद नगर में 220 बच्चे हैं और यहां पर चार कमरे हैं। स्कूल के विद्यार्थी पहले से कमरोें की कमी झेल रहे हैं। ऐसे में स्कूल के दो कमरे खस्ता हाल में हैं। इन दो कमरों में बरसात आने के बाद बैठने के लिए एक कोना तक नहीं बचता।
स्कूल के स्टाफ और विद्यार्थियों की माने तो उनको स्कूल में पढ़ने व पढ़ाने से ज्यादा अपनी जान की फिक्र हो जाती है। आसमान में बादल छाते ही स्टाफ व बच्चे कमरों से बाहर निकलने की सोचते हैं और पल-पल आसमान की तरफ निगाह गड़ाकर रखते हैं।
इन दोनों स्कूलों में चार बूंद गिरते ही सुरक्षा की दृष्टि से छुट्टी तक करनी पड़ती है।
वार्ड-11 और आजाद नगर के लोगों की माने तो वे लंबे समय से शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की खस्ता हाल के बारे में अवगत करा रहे हैं। विभाग के अधिकारी कई बार दौरा भी कर चुके हैं, लेकिन उनकी अनदेखी के चलते स्कूलों में नए कमरे नहीं आ सके। अधिकारियों के इंतजार में दोनों स्कूलों के कमरे ओर खस्ता हो गए।
शहर के वार्ड-11 व आजाद नगर स्थित प्राइमरी स्कूलों की छत टपकने की शिकायत मिली है। उन्होंने दोनों स्कूलों का मौका मुआयना किया है और स्कूल के कमरों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इस विषय में प्रशासनिक और विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। विभाग विद्यार्थियों की सुरक्षित पढ़ाई को लेकर कोई विकल्प तलाशेगा।
संतोष ग्रोवर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पानीपत
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मौसम खराब होते ही होनहारों को पढ़ाई से ज्यादा अपनी जान की फिक्र हो जाती है। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों का दौरा करने तक ही सीमित हैं।
इस सावन माह पूरी तरह से सूखा बीत गया और भादो माह की दो-चार बारिश में ही सब प्रबंधों को हिला दिया। इसी बीच शहर के वार्ड-11 और आजाद नगर स्थित प्राइमरी स्कूलों की छत भी जवाब दे गई।
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दोनों स्कूलों की छतों से बरसात का पानी टपकने लगा। स्कूल प्रमुखों ने हादसे के डर के चलते शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी और इसके समाधान की मांग की।
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शहर के वार्ड-11 स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल में पांच कमरे हैं और स्कूल में 309 विद्यार्थी हैं। स्कूल के पांचों कमरे जर्जर हो गए हैं और यहां पर बारिश की दो बूंदे भी छत से सीधे फर्श पर आ पड़ती हैं। ऐसे में यहां पर मिड-डे मील का कमरा भी नहीं बचा हुआ। बारिश में कई बार राशन तक भीग जाता है।
राजकीय प्राइमरी स्कूल आजाद नगर में 220 बच्चे हैं और यहां पर चार कमरे हैं। स्कूल के विद्यार्थी पहले से कमरोें की कमी झेल रहे हैं। ऐसे में स्कूल के दो कमरे खस्ता हाल में हैं। इन दो कमरों में बरसात आने के बाद बैठने के लिए एक कोना तक नहीं बचता।
स्कूल के स्टाफ और विद्यार्थियों की माने तो उनको स्कूल में पढ़ने व पढ़ाने से ज्यादा अपनी जान की फिक्र हो जाती है। आसमान में बादल छाते ही स्टाफ व बच्चे कमरों से बाहर निकलने की सोचते हैं और पल-पल आसमान की तरफ निगाह गड़ाकर रखते हैं।
इन दोनों स्कूलों में चार बूंद गिरते ही सुरक्षा की दृष्टि से छुट्टी तक करनी पड़ती है।
वार्ड-11 और आजाद नगर के लोगों की माने तो वे लंबे समय से शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की खस्ता हाल के बारे में अवगत करा रहे हैं। विभाग के अधिकारी कई बार दौरा भी कर चुके हैं, लेकिन उनकी अनदेखी के चलते स्कूलों में नए कमरे नहीं आ सके। अधिकारियों के इंतजार में दोनों स्कूलों के कमरे ओर खस्ता हो गए।
शहर के वार्ड-11 व आजाद नगर स्थित प्राइमरी स्कूलों की छत टपकने की शिकायत मिली है। उन्होंने दोनों स्कूलों का मौका मुआयना किया है और स्कूल के कमरों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। इस विषय में प्रशासनिक और विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। विभाग विद्यार्थियों की सुरक्षित पढ़ाई को लेकर कोई विकल्प तलाशेगा।
संतोष ग्रोवर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पानीपत