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हरियाणा में मेयर, नगर पालिका-परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का रास्ता साफ
Sat, 07 Nov 2020 12:17 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 07 Nov 2020 12:17 PM IST
सार
- विधानसभा में सरकार ने पारित कराए दो अलग-अलग संशोधन विधेयक
- नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिका सदस्य ला सकेंगे अविश्वास प्रस्ताव
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हरियाणा विधानसभा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में नगर निगम के मेयर, नगर परिषद व नगरपालिका अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने विधानसभा में शुक्रवार को दो अलग-अलग संशोधन विधेयक पारित करवाए। अब नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिका सदस्य मेयर व अध्यक्ष के काम से संतुष्ट न होने पर अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें हटा सकते हैं।
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पूर्व भाजपा सरकार के समय नगर निकास एक्ट से यह क्लॉज ही हटा दिया गया था। हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2020 के पारित होने के बाद प्रधान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाने का प्रावधान अधिनियम में हो गया है। अभी कोई प्रावधान नहीं था। अब प्रधान के विरुद्ध जनहित में कार्य न करने पर संबंधित नगर परिषद, नगर पालिका के तीन चौथाई निर्वाचित सदस्य अविश्वास प्रस्ताव ला सकेंगे।
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कानून में नई धारा 17क तथा 17ख को जोड़ा गया है व अधिनियम की धारा 21 की उप-धारा (4) को हटाया है। हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2020 में बदलाव के बाद नगर निगम के मेयर को भी अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाया जा सकेगा।
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हरियाणा नगर निगम निर्वाचन नियमावली, 1994 में संशोधन करते हुए पांच नगर निगमों रोहतक, पानीपत, करनाल, यमुनानगर और हिसार में महापौर के चुनाव सीधे तौर पर 16 दिसंबर, 2018 को करवाए गए थे। अधिनियम की धारा 37 में महापौर शब्द को हटाने से वर्तमान में महापौर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के का कोई प्रावधान नहीं था।
शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने यह महसूस किया कि पूर्व की भांति अधिनियम में सीधे तौर पर योग्य मतदाताओं द्वारा निर्वाचित महापौर के विरुद्ध भी अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान होना चाहिए ताकि महापौर यदि जनहित में कार्य न करे तो संबंधित नगर निगम के तीन चौथाई निर्वाचित सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे हटा सकें। इसलिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में धारा 37ख को जोड़ा गया है। महापौर की अनुपस्थिति में वरिष्ठ उप-महापौर, उनकी अनुपस्थिति में उप-महापौर या इन सभी की अनुपस्थिति में संबंधित मंडल आयुक्त के महापौर पद पर कार्य करने के लिए धारा 37ग जोड़ी गई है।