चंडीगढ़ ट्रेन हादसा: रेलवे ने किया 2 कर्मियों को सस्पेंड
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चंडीगढ़ में पटरी से रेल का डिब्बा उतरने के मामले
दरअसल रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक्सट्रा डिब्बों का एक रैक बिना इंजन चल पड़ा। करीब एक किलोमीटर दूर जाकर तीन डिब्बे पटरी से उतर गए और गड्ढे में जा गिरे। दो डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनमें एक शताब्दी का जनरेटर कोच भी था।
मामले में रेलवे प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम), अंबाला एके कठपाल ने कर्मचारियों की गलती मानते हुए एक यार्ड मास्टर और प्वाइंट्समैन को सस्पेंड कर दिया है।
घटना रेलवे स्टेशन से कुछ दूर मौलीजागरां कॉलोनी के पास हुई। चंडीगढ़ स्टेशन पर दस डिब्बों का एक रैक शुक्रवार से खड़ा था। इनमें चंडीगढ़-अमृतसर और शताब्दी एक्सप्रेस के भी डिब्बे थे।
रैक के आखिरी डिब्बे के वैक्यूम ब्रेक का लीवर हट गया। इसके बाद सभी डिब्बे अपने आप चल पड़े। ये एरिया ढलान पर था जिससे डिब्बों ने काफी रफ्तार पकड़ ली। डिब्बों की रफ्तार इतनी तेज थी कि ट्रैक के आखिरी प्वाइंट पर लगे लोहे के ब्रेकर भी टूट गए।
आवाज से अफरातफरी का माहौल
डिब्बे जब गिरे तो धमाके जैसी आवाज हुई। आवाज से वहां अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। यहां पास ही एक मैदान भी है जहां बच्चे खेल रहे थे। घटना के वक्त अगर कोई ट्रैक के नजदीक होता तो जान भी जा सकती थी।
5 नवंबर को भी हुआ था ऐसा
पिछले महीने 5 नवंबर को ऊंचाहार ट्रेन भी वैक्यूम ब्रेक रिलीज हुए बिना इंजन चल पड़ा था। ट्रेन में यात्रियों की खचाखच भीड़ थी। इस कारण ब्रेक का लीवर हट गया। हालांकि इसमें कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था। पहियों में पत्थर लगाकर ट्रेन को रोका गया था।
डीआरएम एके कठपाल ने बताया कि ये रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही है। हमने यार्ड मास्टर और प्वाइंटमैन को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।