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किसान आंदोलन: आज चंडीगढ़ में सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, कृषि कानून के विरोध में पैदल मार्च
Mon, 28 Sep 2020 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक/अंबाला/करनाल
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक/अंबाला/करनाल
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 28 Sep 2020 01:46 AM IST
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विरोध के स्वर...
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानून के विरोध में आज कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। चंडीगढ़ में पीसीसी आफिस से राजभवन तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। उधर, भारतीय किसान यूनियन ने 5 अक्तूबर को हिसार के बरवाला में होने वाली किसान अधिकार महापंचायत के लिए गांवों में जाकर किसानों को न्योता दिया।
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने रविवार को अंबाला में अपने आवास पर बताया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा अन्नदाता, गरीब और मजदूर के साथ रही है। भाजपा तीन काले कानून बना रही है। इनके खिलाफ हम सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे।
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जब कुमारी सैलजा से पूछा गया कि भाजपा सरकार कहती है कि आंदोलन किसान नहीं कांग्रेस वाले कर रहे हैं तो उन्होंने पलटवार किया कि वे ऐसा मौका ही क्यों दे रहे हैं? यदि हम किसान के साथ जाकर खड़े होते हैं तो उसमें क्या बुराई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में चंद धनाढ्य घरानों के भरोसे किसानों को छोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार ने मंत्रालय का नाम तो दे दिया कृषि और किसान कल्याण, लेकिन वह कल्याण तो उसका करना नहीं चाहती।
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अब होगा सबसे बड़ा किसान आंदोलन : राकेश बैंस
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा तीन कानूनों को लेकर भाकियू अब तक पांच आंदोलन कर चुकी है, लेकिन फिर भी सरकार आंख और कान बंद किए बैठी है। अब छठा आंदोलन जो होगा वह अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस आंदोलन के लिए भाकियू द्वारा रणनीति तैयार की जा रही है। तीन या चार दिन में इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
किसान आंदोलन में इनेलो का पूरा समर्थन: बूटा सिंह
इनेलो जिला अध्यक्ष बूटा सिंह ने बताया कि कृषि के तीन कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर हर एक जिले में अलग-अलग दिन धरने प्रदर्शन कर डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। किसानों के हर आंदोलन में इनेलो का पूरा समर्थन है।