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भैया दूज आज भाई को तिलक लगाने का एक घंटा दस मिनट का समय
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। भैया दूज का पर्व सोमवार को है। भैया दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि सुबह साढ़े 11 से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त है। यह समय भैया दूज पर तिलक लगाने का सबसे उत्तम मुहूर्त है। इसके बाद मध्यम मुहूर्त है। सुबह साढ़े सात बजे से लेकर नौ बजे तक राहु काल है। राहु काल में बहन अपने भाई को तिलक न लगाएं। राहु काल में तिलक लगाना निषेध है।
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि यह त्योहार रक्षाबंधन जैसे ही होता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक यह कार्तिक के महीने में मनाया जाता है। एक मान्यता के अनुसार इस दिन जो यम देव की उपासना करता है, उसे असमय मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं।
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चंडीगढ़। भैया दूज का पर्व सोमवार को है। भैया दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। सेक्टर-30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि सुबह साढ़े 11 से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त है। यह समय भैया दूज पर तिलक लगाने का सबसे उत्तम मुहूर्त है। इसके बाद मध्यम मुहूर्त है। सुबह साढ़े सात बजे से लेकर नौ बजे तक राहु काल है। राहु काल में बहन अपने भाई को तिलक न लगाएं। राहु काल में तिलक लगाना निषेध है।
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि यह त्योहार रक्षाबंधन जैसे ही होता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक यह कार्तिक के महीने में मनाया जाता है। एक मान्यता के अनुसार इस दिन जो यम देव की उपासना करता है, उसे असमय मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं।
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