चिंताजनक: जालंधर में नशा छुड़ाओ केंद्र से आने के बाद युवक की ओवरडोज से मौत, लुधियाना में तीन बेसुध मिले
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार राज्य में पिछले 20 महीने में नशे की वजह से 310 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें युवाओं की संख्या ज्यादा है। आम आदमी पार्टी के सत्ता संभालने के बाद भी इन आंकड़ों में कोई कमी नहीं आई है। आप सरकार के कार्यकाल में भी 200 लोगों की मौत नशे के कारण हुई है।
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पंजाब में तमाम कोशिशों और दावों के बीच नशे के कारण मौतों का सिलसिला नहीं रुक रह है। शनिवार को जालंधर के बाबा दीप सिंह नगर में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत की वजह नशे की ओवरडोज को बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। वहीं, लुधियाना के समराला में तीन युवक हाईवे के किनारे नशे की हालत में बेसुध मिले, जिनकी पहचान कर उन्हें परिवार के हवाले कर दिया गया।
वहीं, जालंधर में नशे के कारण जान गंवाने वाले युवक भावुक शर्मा (20) के पिता संजय शर्मा ने बताया कि उनके बेटा नशे का आदी था। उसका नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज चल रहा था। 11 सितंबर को उसे वहां से छुट्टी मिल गई थी। शुक्रवार देर शाम वह घर से दोस्तों के पास जाने की बात कहकर निकला था लेकिन देर रात तक घर नहीं आया। कई बार कॉल की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ समय बाद जब उन्होंने दोबारा फोन किया तो किसी राहगीर ने उसका फोन उठाया और बताया कि उसका बेटा बेहोशी की हालत में कालिया कॉलोनी के पास पड़ा है।
संजय शर्मा ने बताया कि जब वे अपने साथियों सहित मौके पर पहुंचे तो भावुक वहां बेहोशी की हालत में पड़ा था। वह उसे उठाकर घर ले आए। घर पहुंचते ही उसकी हालत ज्यादा नाजुक हो गई। इसके बाद पिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस का कहना है कि युवक की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है या नहीं, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। पिता के बयान के मुताबिक अगर घटना के दौरान ही परिजनों ने पुलिस को सूचना दी होती तो शायद युवक की जान बच सकती थी।
बेसुध मिले युवकों के परिजन बोले- बाइक बेचकर खरीदा नशा
उधर, लुधियाना के समराला में गांव बौंदली के पास बेसुध हालत में मिले तीन युवकों को पुलिस थाने ले गई। जहां उन्हें सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मौके पर पहुंची एक युवक की मां ने बताया कि पति बहुत बीमार हैं। युवकों ने घर से मोटरसाइकिल बेचकर जो पैसे मिले उससे नशा खरीदा होगा। गौरतलब है कि खन्ना में हाल ही में नशे के कारण पांच युवकों की मौत हो चुकी है। एसएसपी अमनीत कौंडल के आदेश पर क्षेत्र में नशा विरोधी सेमिनार करवाए जा रहे हैं लेकिन ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। एसएचओ समराला भिंडर सिंह ने बताया कि पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है।
पंजाब में 20 महीनों में नशे से 310 लोगों की मौत
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार राज्य में पिछले 20 महीने में नशे की वजह से 310 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें युवाओं की संख्या ज्यादा है। आम आदमी पार्टी के सत्ता संभालने के बाद भी इन आंकड़ों में कोई कमी नहीं आई है। आप सरकार के कार्यकाल में भी 200 लोगों की मौत नशे के कारण हुई है। हाल के दिनों में ही अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन और जालंधर में नशे ने 12 युवाओं की जान ले ली। मालवा की स्थिति ज्यादा खराब है। मोगा, फिरोजपुर, लुधियाना और बठिंडा में 2022 व 2023 में 235 लोगों की जान गई है।