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Chandigarh: विजिलेंस अधिकारी बनकर जबरन वसूली करने का मामला, दो पूर्व सैनिकों समेत तीन गिरफ्तार
Thu, 31 Aug 2023 10:08 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 31 Aug 2023 10:08 AM IST
सार
पलविंदर सिंह ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि कुछ महीने पहले उसने अपनी 18 एकड़ पैतृक जमीन बेची थी। इसके बाद उसे पंचायती जमीन बेचने के बारे में सरकारी नोटिस मिला। फिर 12 अगस्त 2023 को तीन अनजान व्यक्ति उसके घर आए और इन्होंने खुद को सेक्टर-17 चंडीगढ़ में स्थित विजिलेंस विभाग के अधिकारी बताया।
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जबरन वसूली के आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : Social Media
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विस्तार
विजिलेंस विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय के अधिकारी बनकर लुधियाना के गांव भैनी सालू निवासी पलविंदर से जबरन वसूली, साजिश रचने और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोपी ने पीड़ित से 25 लाख रुपये के दो चेक और मारपीट कर जेब से 27 हजार रुपये निकालकर ले गए। इस मामले में विजिलेंस ने दो पूर्व सैनिकों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य अज्ञात लोगों समेत सात पर भ्रष्टाचार निरोधी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनजीत सिंह निवासी गांव भैनी सालू, परमजीत सिंह निवासी गांव मेहलों (लुधियाना) और परमिंदर सिंह निवासी आकाश कॉलोनी होशियारपुर के रूप में हुई है। मनजीत सिंह और परमिंदर सिंह पूर्व सैनिक हैं। परमिंदर सिंह विश्व मानवाधिकार कारपोरेशन पंजाब का इंचार्ज भी है।
पैतृक जमीन बेचने के बाद ही पीड़ित आया मुश्किल में
पलविंदर सिंह ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि कुछ महीने पहले उसने अपनी 18 एकड़ पैतृक जमीन बेची थी। इसके बाद उसे पंचायती जमीन बेचने के बारे में सरकारी नोटिस मिला। फिर 12 अगस्त 2023 को तीन अनजान व्यक्ति उसके घर आए और इन्होंने खुद को सेक्टर-17 चंडीगढ़ में स्थित विजिलेंस विभाग के अधिकारी बताया। उन्होंने पंचायती जमीन बेचने के मामले को रफा-दफा करने के लिए उक्त व्यक्तियों ने उससे 50 लाख रुपये मांगे। उन्होंने बताया कि इस बारे में विजिलेंस के चंडीगढ़ दफ्तर में जांच चल रही है और इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
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आरोपियों ने धमकाया, एक बार पकड़े गए तो जमानत नहीं होगी
इसके बाद आरोपियों ने उसे काफी धमकाया कि यह केस खतरनाक है। एक बार पकड़ा गया तो कई महीने जमानत नहीं होगी। डर के कारण वह 25 लाख रुपये देने के लिए मान गया। फिर उसने आरोपियों को 15 लाख और 10 लाख रुपये के दो चेक साइन कर दे दिए । साथ ही आरोपियों ने उसे कहा कि 25 लाख रुपये नकद प्राप्त होने पर यह चेक वापस कर देंगे। उक्त आरोपियों में से एक ने उसकी जेब से 27 हजार रुपये निकाल लिए और उसका फोन नंबर लेकर चले गए।
व्हाट्सएप कॉल कर फोन पर देते थे धमकियां
रकम का चेक ले कर जाने के बाद आरोपियों ने उसे व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल देनी शुरू कर दी। फोन पर आरोपियों ने कहा कि वह 25 लाख रुपये नकद देने में असफल रहा तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आरोपी मनजीत सिंह और परमजीत सिंह ने शिकायतकर्ता के घर की रेकी की थी और परमिंदर सिंह उन तीन आरोपियों में से एक है जो 12 अगस्त को शिकायतकर्ता के घर गए थे।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनजीत सिंह निवासी गांव भैनी सालू, परमजीत सिंह निवासी गांव मेहलों (लुधियाना) और परमिंदर सिंह निवासी आकाश कॉलोनी होशियारपुर के रूप में हुई है। मनजीत सिंह और परमिंदर सिंह पूर्व सैनिक हैं। परमिंदर सिंह विश्व मानवाधिकार कारपोरेशन पंजाब का इंचार्ज भी है।
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पैतृक जमीन बेचने के बाद ही पीड़ित आया मुश्किल में
पलविंदर सिंह ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि कुछ महीने पहले उसने अपनी 18 एकड़ पैतृक जमीन बेची थी। इसके बाद उसे पंचायती जमीन बेचने के बारे में सरकारी नोटिस मिला। फिर 12 अगस्त 2023 को तीन अनजान व्यक्ति उसके घर आए और इन्होंने खुद को सेक्टर-17 चंडीगढ़ में स्थित विजिलेंस विभाग के अधिकारी बताया। उन्होंने पंचायती जमीन बेचने के मामले को रफा-दफा करने के लिए उक्त व्यक्तियों ने उससे 50 लाख रुपये मांगे। उन्होंने बताया कि इस बारे में विजिलेंस के चंडीगढ़ दफ्तर में जांच चल रही है और इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
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आरोपियों ने धमकाया, एक बार पकड़े गए तो जमानत नहीं होगी
इसके बाद आरोपियों ने उसे काफी धमकाया कि यह केस खतरनाक है। एक बार पकड़ा गया तो कई महीने जमानत नहीं होगी। डर के कारण वह 25 लाख रुपये देने के लिए मान गया। फिर उसने आरोपियों को 15 लाख और 10 लाख रुपये के दो चेक साइन कर दे दिए । साथ ही आरोपियों ने उसे कहा कि 25 लाख रुपये नकद प्राप्त होने पर यह चेक वापस कर देंगे। उक्त आरोपियों में से एक ने उसकी जेब से 27 हजार रुपये निकाल लिए और उसका फोन नंबर लेकर चले गए।
व्हाट्सएप कॉल कर फोन पर देते थे धमकियां
रकम का चेक ले कर जाने के बाद आरोपियों ने उसे व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल देनी शुरू कर दी। फोन पर आरोपियों ने कहा कि वह 25 लाख रुपये नकद देने में असफल रहा तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आरोपी मनजीत सिंह और परमजीत सिंह ने शिकायतकर्ता के घर की रेकी की थी और परमिंदर सिंह उन तीन आरोपियों में से एक है जो 12 अगस्त को शिकायतकर्ता के घर गए थे।