{"_id":"641c5eb2af35d53bee03a216","slug":"three-including-former-dgp-sumedh-singh-saini-got-interim-bail-in-kotkapura-firing-case-2023-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटकपूरा गोलीकांड: पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, परमराज उमरानंगल और चरणजीत शर्मा को मिली अंतरिम जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटकपूरा गोलीकांड: पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, परमराज उमरानंगल और चरणजीत शर्मा को मिली अंतरिम जमानत
Thu, 23 Mar 2023 07:46 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 23 Mar 2023 07:46 PM IST
सार
याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर सवालिया निशान उठाते हुए पूछा कि जब इस मामले में चालान पेश किया जा चुका है तो क्यों गिरफ्तारी की आवश्यकता है। पंजाब सरकार की ओर से इस संदर्भ में अपनी दलीलें दी गईं। इसके बाद हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत का लाभ दे दिया है।
विज्ञापन
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
2015 के कोटकपूरा गोलीकांड केस में पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, आईजी परमराज उमरानंगल व एसपी चरणजीत शर्मा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। साथ ही अग्रिम जमानत की मांग पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई पर सरकार को स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए तीनों ने बताया गया कि इस मामले में एडीजीपी एलके यादव की अगुवाई वाली एसआईटी ने 24 फरवरी को जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमें याचिकाकर्ता, तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर बादल ने 9 मार्च को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। इन याचिकाओं पर ट्रायल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए प्रकाश सिंह बादल को वृद्धावस्था के चलते जमानत दे दी थी, वहीं याचिकाकर्ता व अन्य की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर सवालिया निशान उठाते हुए पूछा कि जब इस मामले में चालान पेश किया जा चुका है तो क्यों गिरफ्तारी की आवश्यकता है। पंजाब सरकार की ओर से इस संदर्भ में अपनी दलीलें दी गईं। इसके बाद हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत का लाभ दे दिया है। साथ ही इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन