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एंटरप्रेन्योर सेंटर के लिए उद्योगपति तीन करोड़ देने को तैयार, पंजाब यूनिवर्सिटी नहीं दे रही जमीन
Tue, 05 Nov 2019 01:07 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 01:07 PM IST
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एंटरप्रेन्योर सेंटर स्थापना के लिए पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) को मुंबई के उद्योगपति तीन करोड़ रुपये देने को तैयार हो गए हैं। अब बारी जमीन देने की आ रही है तो पीयू पीछे हट रहा है। अभी तक जमीन का निर्धारण नहीं हो पाया है। यह सेंटर वर्ल्ड क्लास बनेगा। यहां से विद्यार्थियों के विचारों को पंख लगेंगे। इसके जरिए विद्यार्थी अपनी कंपनियां खोलेंगे और युवाओं को नौकरी देंगे।
पीयू के यूबीएस विभाग ने इस बार एमबीए एंटरप्रेन्योर कोर्स शुरू किया है। इन विद्यार्थियों के आइडिया रंग लाएं और यह आगे चलकर अन्य विद्यार्थियों को नौकरी दें, इसके लिए सेंटर स्थापना का प्रस्ताव रखा गया लेकिन बारी बजट की आई। पीयू के पास बजट नहीं है। इस बजट के लिए यूबीएस विभाग ने अपने पूर्व विद्यार्थियों से संपर्क साधा, जो अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं या फिर उद्योग चला रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के एक उद्योगपति ने तीन करोड़ रुपये देने को हामी भरी है। पैसे तैयार हैं और निर्माण शुरू करने के लिए कह दिया गया, लेकिन निर्माण कहां कराया जाए। बात यह सामने आ रही है कि यूबीएस विभाग के सामने खाली पड़ी जमीन पर यह सेंटर बने तो पीयू का लुक भी और अच्छा होगा। यहां पास में ही गांधी भवन भी है, इससे दोनों अच्छे भवन एक साथ स्थापित हो जाएंगे और विभाग के विद्यार्थियों को दूसरी जगह भी नहीं जाना होगा।
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सूत्रों का कहना है कि पीयू यह जमीन नहीं देना चाहता है। इसके लिए खींचतान चल रही है। सूत्रों का कहना है कि विभाग ने यदि जल्द जमीन नहीं दी तो जो पैसे उद्योगपति दे रहे हैं, वह इस प्रस्ताव को वापस भी ले रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो पीयू को कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन विद्यार्थियों को झटका लगेगा। उनके आइडिया को भी पंख नहीं लग पाएंगे।
सेंटर में विद्यार्थियों के विचारों को अमलीजामा पहनाया जाएगा
इस सेंटर की स्थापना से फील्ड विशेषज्ञ यहां बैठाए जाएंगे जो विद्यार्थियों को उनके विचारों के मुताबिक कंपनी आदि खोलने के लिए मदद करेंगे। कैसे उनका प्रस्ताव तैयार हो और वह धरातल पर आए, उसमें मदद होगी। साथ ही कोर्स के विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल आदि भी सेंटर पर कराए जाएंगे। मालूम हो कि यूबीएस विभाग ने एंटरप्रेन्योर कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव बनाया था लेकिन सिंडिकेट ने इसमें अड़ंगा लगा दिया था। फीस अधिक लेने के लिए कहा गया था। हालांकि फीस नहीं बढ़ाई गई। अब सेंटर स्थापना को जमीन को लेकर भी वही हो रहा है।
आर्थिक तंगी के बाद भी प्रस्ताव ठुकराने में क्यों लगा पीयू
पीयू आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। फंड की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। खुद वीसी प्रो. राजकुमार भी तमाम नेताओं आदि से संपर्क किए लेकिन अब तक बड़ी सफलता नहीं मिल पाई। अब यूबीएस विभाग ने पहल की तो तीन करोड़ रुपये पीयू की द्वार आ रहे हैं लेकिन इसको स्वीकारने के लिए जमीन नहीं दी जा रही है। पीयू के तमाम शिक्षक हैरत जता रहे हैं। कहते हैं कि पीयू प्रशासन जानबूझकर देरी कर रहा है।
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पीयू के यूबीएस विभाग ने इस बार एमबीए एंटरप्रेन्योर कोर्स शुरू किया है। इन विद्यार्थियों के आइडिया रंग लाएं और यह आगे चलकर अन्य विद्यार्थियों को नौकरी दें, इसके लिए सेंटर स्थापना का प्रस्ताव रखा गया लेकिन बारी बजट की आई। पीयू के पास बजट नहीं है। इस बजट के लिए यूबीएस विभाग ने अपने पूर्व विद्यार्थियों से संपर्क साधा, जो अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं या फिर उद्योग चला रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के एक उद्योगपति ने तीन करोड़ रुपये देने को हामी भरी है। पैसे तैयार हैं और निर्माण शुरू करने के लिए कह दिया गया, लेकिन निर्माण कहां कराया जाए। बात यह सामने आ रही है कि यूबीएस विभाग के सामने खाली पड़ी जमीन पर यह सेंटर बने तो पीयू का लुक भी और अच्छा होगा। यहां पास में ही गांधी भवन भी है, इससे दोनों अच्छे भवन एक साथ स्थापित हो जाएंगे और विभाग के विद्यार्थियों को दूसरी जगह भी नहीं जाना होगा।
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सूत्रों का कहना है कि पीयू यह जमीन नहीं देना चाहता है। इसके लिए खींचतान चल रही है। सूत्रों का कहना है कि विभाग ने यदि जल्द जमीन नहीं दी तो जो पैसे उद्योगपति दे रहे हैं, वह इस प्रस्ताव को वापस भी ले रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो पीयू को कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन विद्यार्थियों को झटका लगेगा। उनके आइडिया को भी पंख नहीं लग पाएंगे।
सेंटर में विद्यार्थियों के विचारों को अमलीजामा पहनाया जाएगा
इस सेंटर की स्थापना से फील्ड विशेषज्ञ यहां बैठाए जाएंगे जो विद्यार्थियों को उनके विचारों के मुताबिक कंपनी आदि खोलने के लिए मदद करेंगे। कैसे उनका प्रस्ताव तैयार हो और वह धरातल पर आए, उसमें मदद होगी। साथ ही कोर्स के विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल आदि भी सेंटर पर कराए जाएंगे। मालूम हो कि यूबीएस विभाग ने एंटरप्रेन्योर कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव बनाया था लेकिन सिंडिकेट ने इसमें अड़ंगा लगा दिया था। फीस अधिक लेने के लिए कहा गया था। हालांकि फीस नहीं बढ़ाई गई। अब सेंटर स्थापना को जमीन को लेकर भी वही हो रहा है।
आर्थिक तंगी के बाद भी प्रस्ताव ठुकराने में क्यों लगा पीयू
पीयू आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। फंड की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। खुद वीसी प्रो. राजकुमार भी तमाम नेताओं आदि से संपर्क किए लेकिन अब तक बड़ी सफलता नहीं मिल पाई। अब यूबीएस विभाग ने पहल की तो तीन करोड़ रुपये पीयू की द्वार आ रहे हैं लेकिन इसको स्वीकारने के लिए जमीन नहीं दी जा रही है। पीयू के तमाम शिक्षक हैरत जता रहे हैं। कहते हैं कि पीयू प्रशासन जानबूझकर देरी कर रहा है।