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Chandigarh: हजारों लोगों ने अदा की ईद-उल-अजहा की नमाज, कुर्बानी का वीडियो न बनाने की दी ताकीद

Sat, 07 Jun 2025 10:57 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 07 Jun 2025 10:57 AM IST
सार

जामा मस्जिद सेक्टर 20 के इमाम व खतीब मौलाना मोहम्मद अजमल खान ने कहा कि बकरीद धार्मिक बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय नजरिए से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी का वीडियो न बनाए। उसे कतई वायरल न करें। यह पर्व दिखावा करने का नहीं है।

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Thousands of people offered prayers on Eid-ul-Azha, greeted each other by hugging each other
चंडीगढ़ सेक्टर 20 में जामा मस्जिद के ग्राउंड में ईद की नमाज अदा करने पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ की सभी मस्जिदों और ईदगाहों में शनिवार को ईद उल अजहा की नमाज अदा हुई। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज पढ़ने के लिए बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचना शुरू हो गए। नमाज के बाद लोगों ने देश की तरक्की और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी। इस मौके पर गले मिल एक दूसरे को बधाई दी।

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नूरानी मस्जिद सेक्टर 26 के इमाम व खतीब मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने नमाज से पहले इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईद उल अजहा का पर्व त्याग, बलिदान और अल्लाह के प्रति समर्पण का है।
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उन्होंने नमाज के बाद ईद के खुतबे में बताया कि इस पर्व का सबसे बड़ा संदेश है कि अल्लाह के प्रति संपूर्ण समर्पण। पैंगबर हजरत इब्राहिम जब अपने प्यारे बेटे पैंगबर हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो गए तो यह साबित हो गया कि एक सच्चा अल्लाह का बंदा अल्लाह के हुक्म के सामने किसी भी रिश्ते को प्राथमिकता नहीं देता। यह त्योहार हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न हो अपने ईमान और अल्लाह पर भरोसा बनाए रखे।
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अनस नने नमाजियों को संबोधित करते हुए अल्लाह की नेमतों और रहमतों की याद दिलाते हुए कहा कि हमें जो जीवन, बुद्धि और समय मिला है वह सब अल्लाह की अमानत है। हम सभी को समय का सदुपयोग करना चाहए। धार्मिक शिक्षा के साथ साथ अपने बच्चों को विज्ञान और तकनीक की दिशा में बढ़ावा देकर समाज निर्माण के लिए काम करें।



उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों और नौजवान मुसलमानों को सिर्फ इबादत में ही नहीं बल्कि इल्म और तालीम में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अल्लाह के लिए कुर्बानी देते हैं वैसे ही देश की रक्षा और विकास के लिए हमें कुर्बानी देनी चाहिए।

जामा मस्जिद सेक्टर 20 के इमाम व खतीब मौलाना मोहम्मद अजमल खान ने कहा कि बकरीद न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय नजरिए से भी महत्वपूर्ण है। यह पर्व सभी धर्मों और वर्गों के बीच भाईचारा, सहयोग और शांति का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि समाज, मजहब, भाषा या क्षेत्र के भेदभाव से उपर उठकर यदि हम देश के लिए एक हो जाए तो हम किसी भी मुश्किल को मात दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए भी त्याग, समर्पण और इंसानियत जरूरी है। 


उन्होंने कहा कि कुर्बानी का वीडियो न बनाए। उसे कतई वायरल न करें। यह पर्व दिखावा करने का नहीं है। सेक्टर 45 बुड़ैल मस्जिद के कारी शमशेर ने कहा कि यह त्योहार यह शिक्षा देता है कि समाज में दूसरों की भलाई के लिए हमें सुख सुविधाओं की बलि देने को तैयार रहना चाहिए। गरीबों जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों की मदद करना इस त्योहार का मुख्य उददेश्य है।

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