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Chandigarh News: बॉर्डर पर डटे हजारों किसान, ट्रिब्यून चौक से आईआईएसईआर चौक तक ट्रैफिक वन वे से थमी रफ्तार

Wed, 02 Sep 2026 02:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 02:29 AM IST
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Thousands of farmers remain stationed at the border; traffic slows down between Tribune Chowk and IISER Chowk due to the one-way arrangement
चंडीगढ़/मोहाली संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर शुरू हुए सात दिवसीय किसान आंदोलन के चलते मंगलवार को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर यूटी पुलिस हाई अलर्ट पर रही। सोमवार शाम से ही किसान जत्थेबंदियों ने फेज-11 क्षेत्र में डेरा डालना शुरू कर दिया था। मंगलवार सुबह तक एक हजार से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धरना स्थल पर पहुंच गईं। खासकर सेक्टर-48 और फैदां के बीच वाली सड़क पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती रही।
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किसानों ने गोल्फ क्लब से 47/48 लाइट पॉइंट तक सड़क का एक हिस्सा घेर लिया है। प्रशासन की सहमति से सड़क का दूसरा हिस्सा आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला रखा गया है। किसानों ने 47/48 लाइट पॉइंट पर अपना मंच भी तैयार कर लिया है। जत्थेबंदियों के अनुसार किसान पूरी तैयारी के साथ मोर्चे पर पहुंचे हैं। कई संगठनों के किसान अपने साथ करीब दो महीने का राशन लेकर आए हैं। धरना स्थल पर संगत के लिए लंगर की व्यवस्था शुरू हो गई है। गैस सिलिंडरों से भरी ट्रॉलियां भी पहुंच चुकी हैं।
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वन-वे से पीक ऑवर में बढ़ा ट्रैफिक दबाव
किसानों के पक्के मोर्चे के चलते प्रशासन ने ट्रिब्यून चौक से आईआईएसईआर चौक तक सड़क को वन-वे कर दिया। इससे सुबह और शाम पीक ऑवर में मोहाली से चंडीगढ़ आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम जैसे हालात बने। इसे देखते हुए पुलिस ने फैदां बैरियर से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया। हालांकि, पीक ऑवर के अलावा यातायात सामान्य रहा।
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ट्रिब्यून चौक की तरफ से आईआईएसईआर चौक आने वाला रास्ता खुला रखा गया और इसी मार्ग से दोनों तरफ का यातायात निकाला गया। मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को आईआईएसईआर चौक से सीपी मॉल की तरफ डायवर्ट किया गया। फेज-11 और आसपास की अंदरूनी सड़कों से आने वाले वाहनों को गोल्फ क्लब की तरफ से जगतपुरा रोड के रास्ते चंडीगढ़ भेजा गया। रूट डायवर्जन के कारण शाम को कार्यालयों की छुट्टी के समय मोहाली की अंदरूनी सड़कों पर भी जाम की स्थिति बनी।
झंडे लगे वाहनों को चंडीगढ़ में प्रवेश से रोका
पुलिसकर्मी खास तौर पर उन वाहनों को रोकते नजर आए, जिन पर किसानों के झंडे लगे थे। उन्हें चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोका गया। वाहन चालकों को चंडीगढ़ की ओर जाने से पहले झंडे हटाने की सलाह भी दी गई।
सेक्टर-47/48 डिवाइडिंग रोड पर भी पुलिस की भारी तैनाती
सेक्टर-47/48 डिवाइडिंग रोड पर भी पुलिस की भारी तैनाती रही। चेकिंग के लिए बैरिकेड लगाकर सीमा की सड़कों को संकरा कर दिया गया। वहीं सेक्टर-48/फैदां रोड पर चंडीगढ़ की ओर जाने वाला एक हिस्सा पुलिस ने बंद कर दिया। इसके चलते कई कार और दोपहिया वाहन गलत दिशा से चंडीगढ़ में प्रवेश करते नजर आए। मौके पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
दो महीने का राशन, एसी वाली ट्रॉलियां भी साथ
किसानों ने सात दिनों तक दिन-रात धरना जारी रखने की तैयारी की है। रहने के लिए गद्दे और अन्य सामान भी साथ लाए हैं। कुछ ट्रॉलियों में एसी की व्यवस्था भी की गई है। ये एसी वाली ट्रॉलियां दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान भी तैयार की गई थीं। बारिश से निपटने के लिए तिरपाल समेत अन्य जरूरी सामान भी किसानों के पास मौजूद है।
दिल्ली आंदोलन की लंबित मांगें उठाईं
बीकेयू राजेवाल के जिला महासचिव लखविंदर सिंह ने कहा कि एसकेएम के आह्वान पर सात दिवसीय धरना लगाया गया है। इसमें पंजाब और केंद्र सरकार से जुड़ी कई मांगें उठाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2020 के दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से मानी गई कई मांगें अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हुई हैं। किसान नेताओं ने बिजली संशोधन बिल और बीज संशोधन बिल समेत किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। किसान भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे समझौतों का देश के कृषि क्षेत्र और किसानों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

‘लोगों को परेशान करना मकसद नहीं’
बीकेयू राजेवाल के मोहाली ब्लॉक प्रधान जसविंदर सिंह संधू ने बताया कि उनकी जत्थेबंदी की ओर से पंजाब भर से करीब 500 ट्रॉलियां पहुंची हैं। अन्य किसान संगठनों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सहमति से धरने के लिए सड़क का एक हिस्सा लिया गया है। किसान जनता को परेशान नहीं करना चाहते। आंदोलन सरकारों की नीतियों के खिलाफ है, लोगों के खिलाफ नहीं। उन्होंने पंजाब के राजनीतिक दलों पर किसानों और पंजाब से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। किसान हरदीप बैदवान ने कहा कि बारिश की स्थिति से निपटने के लिए तिरपाल समेत जरूरी सामान मौजूद है और बारिश होने पर भी धरना जारी रखने की तैयारी है।
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