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चंडीगढ़ में 64 हजार परिवारों को मिलेगा एनटाइटलमेंट कार्ड, वन नेशन-वन कार्ड के तहत कार्ड की छपाई शुरू
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चंडीगढ़। वन नेशन-वन राशन कार्ड को लेकर पूरा देश जहां एक राशन कार्ड बनाने की तैयारी में लगा हुआ है, वहीं चंडीगढ़ प्रशासन एक कदम आगे बढ़कर एनटाइटलमेंट कार्ड जारी करेगा। इसे लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि एनटाइटलमेंट कार्ड की छपाई शुरू कर दी गई है। यह कार्ड देश के हर राज्य में चलेगा और आधार कार्ड से लिंक होगा।
जानकारी के अनुसार शहर के 64 हजार परिवारों को यह एनटाइटलमेंट कार्ड सितंबर से पहले दिया जाएगा। चंडीगढ़ के इस मॉडल को पुडुचेरी भी फॉलो करेगा। शहर में अन्य राज्यों की तरह सरकारी राशन की दुकानें नहीं हैं, जहां पर राशन कार्ड दिखाकर सब्सिडी के साथ राशन मिलता है। चंडीगढ़ में कई साल पहले इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था और राशन देने की बजाय उसकी कीमत कार्ड धारकों को उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाने लगी।
शहर में अभी 64 हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्हें डीबीटी से हर महीने राशन का पैसा मिलता है। केंद्र सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड का एलान किया है। ऐसे में प्रशासन ने फैसला लिया है कि वह राशन कार्ड की बजाय सभी लाभार्थी परिवारों को एनटाइटलमेंट कार्ड जारी करेंगे। यह पूरे देश में मान्य होंगे। प्रशासन ने सितंबर तक 64 हजार एनटाइटलमेंट कार्ड छपवाने और लाभार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रशासन ने कार्ड की छपाई भी शुरू कर दी है।
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अन्य राज्यों के राशन कार्ड भी चंडीगढ़ में होंगे मान्य, लेकिन नहीं मिलेगा राशन
देश के लगभग हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड की व्यवस्था है और उन्हें अभी भी सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं, चावल, दाल, चीनी व अन्य सामान मिलता है। वन नेशन-वन राशन कार्ड की स्कीम के लागू होने के बाद जो मजदूर अन्य राज्यों से कार्ड लेकर चंडीगढ़ आएंगे, उनका राशन कार्ड चंडीगढ़ में मान्य तो होगा, लेकिन उसे राशन नहीं मिलेगा बल्कि डीबीटी के द्वारा उस राशन का पैसा सीधे उसके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। अन्य राज्यों से काम की तलाश में चंडीगढ़ पहुंचने पर मजदूर के राशन कार्ड को प्रशासन की ओर से पंजीकरण किया जाएगा। सभी जानकारियों को एकत्रित करने के बाद राशन के पैसे को उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार शहर के 64 हजार परिवारों को यह एनटाइटलमेंट कार्ड सितंबर से पहले दिया जाएगा। चंडीगढ़ के इस मॉडल को पुडुचेरी भी फॉलो करेगा। शहर में अन्य राज्यों की तरह सरकारी राशन की दुकानें नहीं हैं, जहां पर राशन कार्ड दिखाकर सब्सिडी के साथ राशन मिलता है। चंडीगढ़ में कई साल पहले इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था और राशन देने की बजाय उसकी कीमत कार्ड धारकों को उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाने लगी।
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शहर में अभी 64 हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्हें डीबीटी से हर महीने राशन का पैसा मिलता है। केंद्र सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड का एलान किया है। ऐसे में प्रशासन ने फैसला लिया है कि वह राशन कार्ड की बजाय सभी लाभार्थी परिवारों को एनटाइटलमेंट कार्ड जारी करेंगे। यह पूरे देश में मान्य होंगे। प्रशासन ने सितंबर तक 64 हजार एनटाइटलमेंट कार्ड छपवाने और लाभार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रशासन ने कार्ड की छपाई भी शुरू कर दी है।
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अन्य राज्यों के राशन कार्ड भी चंडीगढ़ में होंगे मान्य, लेकिन नहीं मिलेगा राशन
देश के लगभग हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड की व्यवस्था है और उन्हें अभी भी सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं, चावल, दाल, चीनी व अन्य सामान मिलता है। वन नेशन-वन राशन कार्ड की स्कीम के लागू होने के बाद जो मजदूर अन्य राज्यों से कार्ड लेकर चंडीगढ़ आएंगे, उनका राशन कार्ड चंडीगढ़ में मान्य तो होगा, लेकिन उसे राशन नहीं मिलेगा बल्कि डीबीटी के द्वारा उस राशन का पैसा सीधे उसके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। अन्य राज्यों से काम की तलाश में चंडीगढ़ पहुंचने पर मजदूर के राशन कार्ड को प्रशासन की ओर से पंजीकरण किया जाएगा। सभी जानकारियों को एकत्रित करने के बाद राशन के पैसे को उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।