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नेट उतीर्ण करने वालों को भी नहीं मिला पीएचडी में दाखिला
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग पर गंभीर आरोप लगे हैं। एबीवीपी ने कहा है कि नेट उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को भी पीएचडी में दाखिला नहीं दिया। दो विद्यार्थियों का चयन किया गया है। बाकी सभी विद्यार्थी बाहर निकाल दिए गए। उन्होंने विभाग के अध्यक्ष को ज्ञापन दिया है। कहा है कि तीन दिन में इसमें सुधार किया जाए अन्यथा वह प्रदर्शन करेंगे।
एबीवीपी ने अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष को ज्ञापन देते कहा है कि पीएचडी के लिए उनके विभाग में 36 विद्यार्थियों ने साक्षात्कार दिए हैं। उसमें से महज दो का ही चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों का स्थान टेंटेटिव मेरिट सूची में 17 व 32 वें नंबर पर है। कहा कि नेट पास करने वाले विद्यार्थियों तक को स्थान नहीं दिया गया। एमफिल पर उन्होंने सवाल उठाए हैं। कहा है कि नई शिक्षा नीति में एफफिल की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, लेकिन विभाग ऐसे विद्यार्थियों को प्रमुखता दे रहा है। एबीवीपी अध्यक्ष पारस रतन, सचिव ऋषिका राज ने कहा है कि विभाग की मंशा साफ जाहिर हो रही है। ऐसे में विभाग अपनी गलती सुधारे। इसके लिए तीन दिन का समय दिया जा रहा है अन्यथा फिर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, विभागाध्यक्ष से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं हो सका।
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एबीवीपी ने अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष को ज्ञापन देते कहा है कि पीएचडी के लिए उनके विभाग में 36 विद्यार्थियों ने साक्षात्कार दिए हैं। उसमें से महज दो का ही चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों का स्थान टेंटेटिव मेरिट सूची में 17 व 32 वें नंबर पर है। कहा कि नेट पास करने वाले विद्यार्थियों तक को स्थान नहीं दिया गया। एमफिल पर उन्होंने सवाल उठाए हैं। कहा है कि नई शिक्षा नीति में एफफिल की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, लेकिन विभाग ऐसे विद्यार्थियों को प्रमुखता दे रहा है। एबीवीपी अध्यक्ष पारस रतन, सचिव ऋषिका राज ने कहा है कि विभाग की मंशा साफ जाहिर हो रही है। ऐसे में विभाग अपनी गलती सुधारे। इसके लिए तीन दिन का समय दिया जा रहा है अन्यथा फिर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, विभागाध्यक्ष से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं हो सका।
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