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Chandigarh News: हरियाणा में इस बार ढाई लाख एकड़ में होगी धान की सीधी बिजाई

Wed, 29 May 2024 07:47 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2024 07:47 PM IST
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This time, direct sowing of paddy will take place in 2.5 lakh acres in Haryana.
इस बार भी 12.83 लाख हेक्टेयर में होगी धान की बिजाई, 15 जून के बाद हो सकेगी बिजाई
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अगेती धान लगाने पर रोक, विभाग ने कृषि उप निदेशकों की लगाई ड्यूटी
चंडीगढ़। हरियाणा में गिर रहे भूजल स्तर को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इस बार धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) का लक्ष्य 50 हजार एकड़ बढ़ाया है। इस बार हरियाणा में ढाई लाख एकड़ में धान की सीधी बिजाई कराने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि धान का कुल रकबा 13 लाख हेक्टेयर के करीब रहेगा। धान की सीधी बिजाई के लिए कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं, प्रदेश में अगेती (साठी धान) लगाने पर रोक लगाई है और इसके लिए जिला कृषि उप निदेशकों की ड्यूटी लगाई गई है।
हरियाणा में 15 जून से धान की बिजाई हो सकेगी, इससे पहले 15 मई से धान की पनीरी लगाने का कार्य प्रदेशभर में चल रहा है। आगामी दस से 15 दिनों मेंं धान की पौध तैयार हो जाएगी और इसके बाद किसान धान की बिजाई कर सकेंगे। भूजल बचाने को लेकर इस बार भी हरियाणा सरकार ने धान की सीधी बिजाई पर जोर दिया है। करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला, पानीपत, रोहतक, फतेहाबाद, सिरसा, जींद में सबसे अधिक धान का उत्पादन होता है। इसलिए सीधी बिजाई का लक्ष्य भी यहीं पर रखा है। बता दें कि हरियाणा में धान की बजाए दूसरी फसलें लगाने पर हरियाणा सरकार की ओर से सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जबकि धान की सीधी बिजाई पर चार हजार रुपये प्रति एकड़ की राशि दी जाती है। हरियाणा में इन दोनों योजनाओं का असर भी दिखा है। साल 2019 में प्रदेशभर में 15.59 लाख हेक्टेयर था। दोनों योजनाओं से लगातार धान का रकबा घट रहा है और अब 12.83 लाख हेक्टेयर में धान की बिजाई होती है।
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विभाग की तैयारी, नहीं होगी खाद की किल्लत
धान का सीजन शुरू होने से पहले ही हरियाणा कृषि विभाग ने खाद को लेकर पहले ही तैयारी कर ली है। विभाग का दावा है कि उनके पास डीएपी और यूरिया का पर्याप्त स्टॉक है। इसलिए सीजन में कोई कमी नहीं रहेगी। विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. मंजीत नैन ने बताया कि विभाग के पास चार लाख मीट्रिक टन यूरिया और 80 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद का स्टाॅक है। इसके अलावा विभाग लगातार केंद्र के संपर्क में है। मांग के अनुसार सभी जिलों को खाद मुहैया कराया जाएगा।
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