कोरोनाः हरियाणा में घर-घर होगी स्क्रीनिंग, मेडिकल स्टाफ के साथ पीपीई किट पहन ड्यूटी देंगे जवान
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हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रदेश के प्रत्येक घर में जाकर हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेंगी। यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर टेस्ट करवाया जाएगा। जिससे राज्य से कोविड-19 को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।
यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विभागीय बैठकों के बाद पत्रकारों को बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में कुल एक्टिव मरीज 149 हैं। कोविड-19 मरीज के संबंध में भारत सरकार द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही हैं। इस एडवाइजरी को हरियाणा में भी लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन बनाए गए हैं जिसके तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन व बफर जोन की परिभाषाएं अलग-अलग हैं।
हरियाणा में जिन इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, उन इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं को मुहैया करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिससे लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हों। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कंटेनमेंट जोन में प्रतिदिन सैनेटाइजेशन किया जाए और पूरे राज्य में दूसरे चरण के तहत सैनिटाइजेशन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) को पत्र लिखा गया है कि कोविड-19 महामारी की स्थितियों को देखते हुए वे निजी डॉक्टरों को उनके निजी क्लीनिक खुलवाने के लिए कहें। ताकि आम जनता का अन्य बीमारियों व समस्याओं का इलाज सुनिश्चित हो सकें।
स्वास्थ्य विभाग को सेवानिवृत्त डॉक्टरों को एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के लिए कहा गया है ताकि कोविड-19 महामारी से भली प्रकार से निपटा जा सकें। उन्होंने बताया कि अभी तक 197 डॉक्टरों ने अपनी ड्यूटी ज्वॉइन कर ली है और वेटिंग लिस्ट के 58 डॉक्टरों को ज्वॉइनिंग लेटर देने का फैसला किया हैं।
हरियाणा में नौ विशेष कोविड अस्पताल
हरियाणा में कोविड-19 के लिए अलग से 9 विशेष कोविड अस्पतालों को स्थापित किया गया है। जिनमें आईसीयू, वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों सहित बेहतरीन डॉक्टरों की टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीज को केवल कोविड अस्पताल में ही रखा जाएगा। उन्हें दूसरे सामान्य अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। हरियाणा में 411 मोबाइन डिस्पेंसरियों को भी शुरू किया जा चुका है जो लोगों की अन्य बीमारियों का इलाज करने में सहयोग करेगी।
सख्ती से करवाया जाएगा लॉकडाउन का पालन
विज ने कहा कि लॉकडाउन को सख्ती से लागू करवाया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कानूनों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लॉकडाउन को सख्ती से क्रियान्वित करें तथा कंटेनमेंट जोन पर विशेष निगरानी रखी जाए।
मेडिकल स्टाफ के साथ पीपीई किट पहनकर ड्यूटी देंगे जवान
हरियाणा में पुलिस जवान अब मेडिकल स्टाफ के साथ पीपीई किट पहनकर ड्यूटी करेंगे। पुलिस के जवानों को संक्रमण के खतरे से दूर रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिलों में 1000 पीपीई किट्स का इंतजाम भी किया गया है। जबकि किट्स की कमी होने पर मेडिकल डिपार्टमेंट की ओर से उपलब्ध करवाई जाएंगी।
पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने बताया कि प्रदेश के हर जिले में कहीं पुलिस जवान मेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर भी विभिन्न ड्यूटी में लगे हुए हैं। जबकि कई जवानों की तैनाती सरकारी अस्पतालों और संक्रमित इलाकों में भी की गई है। जबकि कहीं बार मेडिकल स्टाफ के विशेष आग्रह पर पुलिस जवानों को कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों को भी विभिन्न परिस्थितियों में हैंडल करना पड़ता है। ऐसे पुलिस जवान संक्रमण से सुरक्षित रहें। इसके लिए एक हजार पीपीई किट्स का इंतजाम किया गया है। जो कि इन जवानों को उपलब्ध होंगी।
डीजीपी ने बताया कि इसके साथ-साथ पुलिस जवानों और अफसरों के लिए एक-एक लाख मास्क और ग्लब्स की भी व्यवस्था करवाई जा रही है। उनके अनुसार फील्ड में रहने वाले पुलिस जवानों को मास्क और ग्लब्स की बहुत ज्यादा जरूरत रहती है। इसलिए सभी पुलिसकर्मियों के लिए ग्लब्स और मास्क पहनना बहुत जरूरी है। ताकि हर तरह के संक्रमण के खतरे से वह महफूज रहें। डीजीपी ने बताया कि ग्लब्स और मास्क जल्द उपलब्ध हो जाएगी। डीजीपी के अनुसार प्रदेश सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर भी पूरी तरह गंभीर है।