किसानों को बड़ी राहत: बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मिलेगा मुआवजा, 31 मार्च तक होगी विशेष गिरदावरी
पंजाब में इस बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मगर अब पंजाब सरकार ने विशेष गिरदावरी करवाने का फैसला लिया है। 31 मार्च तक जिलों में विशेष गिरदावरी होगी। इसमें नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद किसानों को मुआवजा राशि जारी की जाएगी।
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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की पंजाब सरकार विशेष गिरदावरी कराएगी। 31 मार्च तक यह विशेष गिरदावरी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ओलावृष्टि के कारण पंजाब के कई जिलों में किसानों की आलू, गेहूं और अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के दौरान गुरुवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर राजस्व, पुर्नवास और आपदा प्रबंधन मंत्री ब्रह्म शंकर शर्मा जिंपा ने जानकारी दी कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले फसली नुकसान को लेक सरकार हर साल नियमित और विशेष रूप से गिरदावरी कराती है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि 31 मार्च तक प्रदेश के सभी डिप्टी कमिश्नरों को आदेश जारी कर विशेष गिरदावरी कर किसानों को मुजावजा राशि जारी की जाएगी।
वहीं, गुरुवार को बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान बीते वर्ष भारी बारिश के कारण किसानों के हुए फसली नुकसान का मुद्दा भी उठा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सरकार से सवाल किया कि बाढ़ के कारण किसानों के हुए फसली नुकसान पर कितना मुआजवा जारी किया गया था। इस पर सरकार की ओर से राजस्व, पुर्नवास और आपदा प्रबंधन मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने जवाब दिया कि 53,500 किसानों को 256 करोड़ 29 लाख 80 हजार 808 मुआजवा राशि दी गई है।
ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया इस संदर्भ में सरकार ने 24 जुलाई 2023 को बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की सभी डिप्टी कमिश्नर को आदेश जारी कर विशेष गिरदावरी कराई थी। इस विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा पटियाला, कपूरथला, फिरोजपुर, संगरूर और तरनतारन जिले के किसान प्रभावित हुए थे।
प्रति एकड़ के हिसाब से 6800 रुपये दिया गया मुआवजा
मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा बाढ़ के कारण फसली नुकसान को लेकर बनाए गए दिशा-निर्देश पर पांच एकड़ तक के किसान को प्रति एकड़ 6800 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया गया। 53,500 किसान ऐसे थे, जिन्हें 15000 या उससे अधिक मुआवजा राशि दी गई। वहीं विधानसभा में शून्यकाल के दौरान एक विधायक की ओर से बीते दिनों प्रदेश के कई जिलों में हुई ओलावृष्टि के कारण आलू व अन्य फसलों को हुए नुकसान को लेकर गिरदावरी कराए जाने और मुजावजा दिए जाने की मांग की गई। इस पर भी मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2024 तक ओलावृष्टि और बारिश के कारण हुए नुकसान की गिरदावरी कराई जाएगी और किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
| जिला | किसानों की संख्या | मुआवजा राशि (रुपये में) |
| अमृतसर | 544 | 3,73,18,400 |
| फरीदकोट | 199 | 82,96,000 |
| फतेहगढ़ साहिब | 616 | 2,50,00,200 |
| फाजिल्का | 1,598 | 8,77,06,400 |
| फिरोजपुर | 1,590 | 22,44,00,000 |
| गुरदासपुर | 1,227 | 7,59,80,000 |
| होशियारपुर | 823 | 9,50,43,600 |
| जालंधर | 3,531 | 11,79,22,800 |
| कपूरथला | 2,235 | 32,84,06,000 |
| लुधियाना | 257 | 2,31,26,800 |
| मानसा | 2,403 | 12,92,00,000 |
| मोगा | 1,403 | 3,99,77,200 |
| पठानकोट | 171 | 67,89, 341 |
| पटियाला | 22,151 | 80,06,41,347 |
| रुपनगर | 26 | 72,45,520 |
| संगरूर | 8,926 | 26,08, 34,400 |
| एसएएस नगर | 140 | 1,73,40,000 |
| एसबीएस नगर | 60 | 1,25,52,800 |
| तरनतारन | 5,600 | 26,52,00,000 |