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सेना के फैसलों पर पहले भी राजनीति होती थी और आज भी होती है : आईजेएस चुग
Wed, 15 Jan 2025 02:03 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Wed, 15 Jan 2025 02:03 AM IST
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चंडीगढ़। देश की सेना पहले भी दुश्मन देशों से पावरफुल थी और आज भी कई गुणा पावरफुल है। हमारे देश में हर तरह के अत्याधुनिक हथियार हैं। यह बात सेना से रिटायर्ड ब्रिगेडियर आईजेएस चुग ने सेना दिवस के मौके पर विशेष बातचीत में कही।
रिटायर्ड अधिकारी चुग ने कहा कि सेना का सबसे पहले जो आधारभूत लक्ष्य होता है, वह कभी नहीं बदलता। जवान अपने मौजूदा अफसर की बात को फॉलो करते हैं और उन्हें ऊपर से जो आदेश होते हैं उसके मुताबिक ही कार्रवाई करते हैं। सेना के फैसलों पर पहले भी राजनीति होती थी और आज भी होती है। हालांकि सेना के अधिकारी कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले सारे फायदे व नुकसान बता देते हैं। रिटायर्ड चुग ने बताया कि हमारे देश की थलसेना, एयरफोर्स व नेवी तीनों ही सीडीएस के जरिये एक-दूसरे से संपर्क में रहते हैं।
अभ्यास में दिखाई थी ताकत
चंडीगढ़ पश्चिमी कमान के अधिकारी ने बताया कि दो माह पहले राजस्थान में स्थित महाजन फायरिंग रेंज में खड्गा कोर की ओर से खड्गा शक्ति का प्रदर्शन किया गया। बाकायदा पश्चिमी कमान अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में खड्गा शक्ति का परीक्षण भी देखा। अधिकारी ने बताया कि समय-समय पर शक्ति परीक्षण किया जाता रहता है, जिसमें जवानों के युद्धाभ्यास और हमलावर हेलीकॉप्टर, आर्टिलरी गन, बख्तरबंद, मशीनीकृत प्लेटफॉर्म और पैदल सेना के हथियारों सहित विभिन्न सैन्य हथियारों से अपनी शक्ति दिखाई जाती है। सेना में मौजूदा समय में स्वॉर्म ड्रोन, लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, क्वाडकॉप्टर और लॉजिस्टिक ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिनके जरिये सेना पहले से अधिक पावरफुल है।
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रिटायर्ड अधिकारी चुग ने कहा कि सेना का सबसे पहले जो आधारभूत लक्ष्य होता है, वह कभी नहीं बदलता। जवान अपने मौजूदा अफसर की बात को फॉलो करते हैं और उन्हें ऊपर से जो आदेश होते हैं उसके मुताबिक ही कार्रवाई करते हैं। सेना के फैसलों पर पहले भी राजनीति होती थी और आज भी होती है। हालांकि सेना के अधिकारी कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले सारे फायदे व नुकसान बता देते हैं। रिटायर्ड चुग ने बताया कि हमारे देश की थलसेना, एयरफोर्स व नेवी तीनों ही सीडीएस के जरिये एक-दूसरे से संपर्क में रहते हैं।
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अभ्यास में दिखाई थी ताकत
चंडीगढ़ पश्चिमी कमान के अधिकारी ने बताया कि दो माह पहले राजस्थान में स्थित महाजन फायरिंग रेंज में खड्गा कोर की ओर से खड्गा शक्ति का प्रदर्शन किया गया। बाकायदा पश्चिमी कमान अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में खड्गा शक्ति का परीक्षण भी देखा। अधिकारी ने बताया कि समय-समय पर शक्ति परीक्षण किया जाता रहता है, जिसमें जवानों के युद्धाभ्यास और हमलावर हेलीकॉप्टर, आर्टिलरी गन, बख्तरबंद, मशीनीकृत प्लेटफॉर्म और पैदल सेना के हथियारों सहित विभिन्न सैन्य हथियारों से अपनी शक्ति दिखाई जाती है। सेना में मौजूदा समय में स्वॉर्म ड्रोन, लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, क्वाडकॉप्टर और लॉजिस्टिक ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिनके जरिये सेना पहले से अधिक पावरफुल है।
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