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Chandigarh News: गड्ढों पर पैच वर्क नहीं, ईंटों-पत्थरों से हो रही भराई
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों में से एक हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट से पॉल्ट्री फार्म चौक तक की सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। इन सड़कों पर 10 से 12 इंच गहरे और डेढ़ से दो फीट चौड़े गड्ढे हो गए हैं। यहां पैचवर्क करने के बजाय गड्ढों को भरने के लिए ईंटों और पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
यह मार्ग पंचकूला, मोहाली, बलटाना, जीरकपुर और हिमाचल प्रदेश से आने वाले वाहनों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार है और ट्रिब्यून चौक को जाने का प्रमुख रास्ता है। यहां से रोजाना औसतन 8 से 9 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें लंबी दूरी की बसें भी शामिल हैं। इसके बावजूद इन गड्ढों को ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सड़क की खराब हालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोग इन गड्ढों से बचते हुए मुश्किल से सफर तय कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है। लोग लगातार प्रशासन से सड़कों की मरम्मत का काम तत्काल शुरू करने की मांग कर रहे है ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
लोगों ने व्यक्त की नाराजगी
नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अफसरों के घरों और ऑफिस के आगे अगर सड़क खराब हो जाती है, वह चंद घंटों में ठीक हो जाती है लेकिन हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट से पॉल्ट्री फार्म चौक के बीच सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। -अजय कुमार, सेक्टर-26
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सड़कों पर गड्ढों का पैच वर्क करने के लिए गिट्टी व तारकोल का इस्तेमाल होता है लेकिन नगर निगम व पीडब्ल्यूडी की लापरवाही की अगर बात करें तो गड्ढों को ईंट, पत्थर और रेत से भरा जा रहा है, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं। फहीम अहमद, मनीमाजरा
शहर के केवल मुख्य मार्ग ही नहीं बल्कि पुराने गांवों, कॉलोनियों और सेक्टरों में भी सड़कों का बुरा हाल है। जब चंडीगढ़ के मुख्य मार्ग का यह हाल है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की अंदरूनी सड़कें किस स्थिति में होंगी। येंकी कालिया, सेक्टर-26 चंडीगढ़
जिम्मेदारों का ध्यान नहीं
हल्लोमाजरा लाइट प़ॉइंट से पॉल्ट्री फार्म चौक तक 30 से 40 बड़े गड्ढे हैं। इमरजेंसी में रेफर होकर जीएमसीएच-32 और पीजीआई के लिए मरीज भी यहीं से आते हैं। हैरानी की बात है कि जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।
यह मार्ग पंचकूला, मोहाली, बलटाना, जीरकपुर और हिमाचल प्रदेश से आने वाले वाहनों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार है और ट्रिब्यून चौक को जाने का प्रमुख रास्ता है। यहां से रोजाना औसतन 8 से 9 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें लंबी दूरी की बसें भी शामिल हैं। इसके बावजूद इन गड्ढों को ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सड़क की खराब हालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोग इन गड्ढों से बचते हुए मुश्किल से सफर तय कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है। लोग लगातार प्रशासन से सड़कों की मरम्मत का काम तत्काल शुरू करने की मांग कर रहे है ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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लोगों ने व्यक्त की नाराजगी
नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अफसरों के घरों और ऑफिस के आगे अगर सड़क खराब हो जाती है, वह चंद घंटों में ठीक हो जाती है लेकिन हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट से पॉल्ट्री फार्म चौक के बीच सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। -अजय कुमार, सेक्टर-26
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सड़कों पर गड्ढों का पैच वर्क करने के लिए गिट्टी व तारकोल का इस्तेमाल होता है लेकिन नगर निगम व पीडब्ल्यूडी की लापरवाही की अगर बात करें तो गड्ढों को ईंट, पत्थर और रेत से भरा जा रहा है, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं। फहीम अहमद, मनीमाजरा
शहर के केवल मुख्य मार्ग ही नहीं बल्कि पुराने गांवों, कॉलोनियों और सेक्टरों में भी सड़कों का बुरा हाल है। जब चंडीगढ़ के मुख्य मार्ग का यह हाल है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की अंदरूनी सड़कें किस स्थिति में होंगी। येंकी कालिया, सेक्टर-26 चंडीगढ़
जिम्मेदारों का ध्यान नहीं
हल्लोमाजरा लाइट प़ॉइंट से पॉल्ट्री फार्म चौक तक 30 से 40 बड़े गड्ढे हैं। इमरजेंसी में रेफर होकर जीएमसीएच-32 और पीजीआई के लिए मरीज भी यहीं से आते हैं। हैरानी की बात है कि जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।