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थिएटर ऑफ जॉय में बच्चों ने सीखी अभिनय की बारीकियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 03 Jun 2016 09:06 PM IST
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चंडीगढ़ में थियेटर वर्कशॉप एन्जॉय करते हुए स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित मुसाफिर भवन में चल रही थियेटर वर्कशॉप में बच्चों ने अभिनय की बारीकियां सीखी। पर्पल मैंगों की ओर से यह थिएटर वर्कशॉप शुरू की गई है। थिएटर ऑफ जॉय नाम से इस वर्कशॉप में ट्राईसिटी के बच्चे बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्कशॉप का संचालन थिएटर आर्टिस्ट सुखमनी कोहली कर रही है व सहायक केतौर पर जसबीर कुमार व शहर के जाने माने थिएटर आर्टिस्ट जीएस चन्नी इनका साथ दे रहे हैं।
इस वर्कशॉप की खासियत यह है कि इसमें बच्चों पर सीखने का कोई बोझ नहीं डाला जाता है। बल्कि बच्चें खुद ही निर्धारित करते है कि उन्होंने सीखना क्या है। यह वर्कशॉप 16 दिन तक चलेगी। जिसमें बच्चों को थिंकिंग स्किल्स,कम्यूनिकेशन स्किल्स,डीप लिसनिंग स्किल्स,फिल्म एक्टिंग के बारे में बताया जा रहा हैं।
प्लेन पेपर की तरह बच्चे
वर्कशॉप के बारे में जानकारी देते हुए जीएस चन्नी ने बताया कि हमारे लिए वर्कशॉप में आए हुए सभी बच्चे अभी कच्चे घड़े के समान है। जिन्हें अभी थिएटर की बारिकियों को सीखा कर पक्का बनाना है। इस तरह की वर्कशॉप बच्चों के लिए कितनी फायदेमंद है बच्चों को घर पर इस तरह से सीखने का माहौल नहीं मिल पाता जिस तरह से वर्कशॉप में सीखने को मिलता है।
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बच्चों के हुनर को निखारेंगीं सुखमनी
वर्कशॉप के शुरूआती दिनों में तो जसबीर कुमार व जी.एस.चन्नी बच्चों को थिएटर सिखांएगें। लेकिन बाद में सुखमनी बच्चों की एक्टिंग के साथ क्लाउनिंग के बारे में भी बताएंगी।
वर्कशाप में मिला रहा फायदा
वर्कशॉप में हिस्सा ले रही एमडीएवी स्कूल 22 की ग्यारां वर्षीय हरलीन ने बताया कि इस वर्कशॉप का हिस्सा बन कर बेहद अच्छा लग रहा है। यहां पर इस तरह का माहौल है जिसमें हम खुद को आसानी से ढाल रहे है। यहां पर काफी कुछ सीखने को मिल रहा हैं।
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इस वर्कशॉप की खासियत यह है कि इसमें बच्चों पर सीखने का कोई बोझ नहीं डाला जाता है। बल्कि बच्चें खुद ही निर्धारित करते है कि उन्होंने सीखना क्या है। यह वर्कशॉप 16 दिन तक चलेगी। जिसमें बच्चों को थिंकिंग स्किल्स,कम्यूनिकेशन स्किल्स,डीप लिसनिंग स्किल्स,फिल्म एक्टिंग के बारे में बताया जा रहा हैं।
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प्लेन पेपर की तरह बच्चे
वर्कशॉप के बारे में जानकारी देते हुए जीएस चन्नी ने बताया कि हमारे लिए वर्कशॉप में आए हुए सभी बच्चे अभी कच्चे घड़े के समान है। जिन्हें अभी थिएटर की बारिकियों को सीखा कर पक्का बनाना है। इस तरह की वर्कशॉप बच्चों के लिए कितनी फायदेमंद है बच्चों को घर पर इस तरह से सीखने का माहौल नहीं मिल पाता जिस तरह से वर्कशॉप में सीखने को मिलता है।
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बच्चों के हुनर को निखारेंगीं सुखमनी
वर्कशॉप के शुरूआती दिनों में तो जसबीर कुमार व जी.एस.चन्नी बच्चों को थिएटर सिखांएगें। लेकिन बाद में सुखमनी बच्चों की एक्टिंग के साथ क्लाउनिंग के बारे में भी बताएंगी।
वर्कशाप में मिला रहा फायदा
वर्कशॉप में हिस्सा ले रही एमडीएवी स्कूल 22 की ग्यारां वर्षीय हरलीन ने बताया कि इस वर्कशॉप का हिस्सा बन कर बेहद अच्छा लग रहा है। यहां पर इस तरह का माहौल है जिसमें हम खुद को आसानी से ढाल रहे है। यहां पर काफी कुछ सीखने को मिल रहा हैं।