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Chandigarh News: बिजली संशोधन बिल का विरोध, संयुक्त किसान मोर्चा और बिजली बोर्ड यूनियनों ने जलाई प्रतियां
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मोहाली। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़ी किसान संगठनों और बिजली बोर्ड की विभिन्न यूनियनों ने आज सब-डिवीजन स्तर पर बिजली संशोधन बिल 2025 की प्रतियां जलाकर जोरदार प्रदर्शन किया। टीएसयू, पेंशनर एसोसिएशन, ठेका मुलाजिम यूनियन, फेडरेशन एटक और एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स समेत कई संगठनों ने इस विरोध कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने और बिजली विभाग के निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह संशोधन बिल लाई है। उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत मजदूरों के शोषण को बढ़ावा देने वाले लेबर कोड भी लागू किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार द्वारा सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों की जमीनें बेचने के फैसले तथा केंद्र के ‘सीड बिल’ को भी किसान विरोधी बताया गया।
नेाताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिल वापस न लिया गया तो किसान, मजदूर और मुलाजिम संगठनों का संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने पंजाब विधानसभा में इन बिलों और निजीकरण नीतियों के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की मांग भी दोहराई। इस मौके पर किसान यूनियन रजेवाल के प्रदेश सचिव परमदीप सिंह बैदवान, प्रधान किरपाल सिंह सियाऊ, किसानी जत्थेबंदी एकता डंकौदा से अंग्रेज सिंह और प्रदीप, किसानी जत्थेबंदी लखोवाल से प्रदेश नेता नक्षतर सिंह बैदवान और दर्शन सिंह दुराली मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने और बिजली विभाग के निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह संशोधन बिल लाई है। उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत मजदूरों के शोषण को बढ़ावा देने वाले लेबर कोड भी लागू किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार द्वारा सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों की जमीनें बेचने के फैसले तथा केंद्र के ‘सीड बिल’ को भी किसान विरोधी बताया गया।
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नेाताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिल वापस न लिया गया तो किसान, मजदूर और मुलाजिम संगठनों का संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने पंजाब विधानसभा में इन बिलों और निजीकरण नीतियों के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की मांग भी दोहराई। इस मौके पर किसान यूनियन रजेवाल के प्रदेश सचिव परमदीप सिंह बैदवान, प्रधान किरपाल सिंह सियाऊ, किसानी जत्थेबंदी एकता डंकौदा से अंग्रेज सिंह और प्रदीप, किसानी जत्थेबंदी लखोवाल से प्रदेश नेता नक्षतर सिंह बैदवान और दर्शन सिंह दुराली मौजूद रहे।
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