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राहत- 8 जून से खुल जांएगे मंदिर, फरमान- अभी नहीं मिलेगा प्रसाद... और भी कई शर्तें जरूर पढ़ें
Sat, 06 Jun 2020 01:46 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2020 01:46 PM IST
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शहर में 8 जून से धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट और मॉल खुलने जा रहे हैं। इसे लेकर शुक्रवार को यूटी प्रशासन ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन के आदेशों के अनुसार सोमवार से सभी मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल खुलेंगे लेकिन कहीं पर भी प्रसाद नहीं मिलेगा। श्रद्धालु न तो भगवान को छू सकेंगे, न ही चरणामृत मिलेगा।
पूजा करते वक्त छह फीट की दूरी रखनी होगी। जूते-चप्पल भी गाड़ी में रखना होगा, नहीं तो घर ही छोड़कर आना होगा, मंदिर में कोई व्यवस्था नहीं होगी। लोगों को धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट और मॉल में छह फीट की दूरी, चेहरे पर मास्क, सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को प्रवेश द्वार को हर थोड़ी देर बाद सैनिटाइज करना होगा।
न घंटा बजा सकेंगे और न धार्मिक ग्रंथ छू सकेंगे
मंदिरों में न ही कोई सामूहिक अनुष्ठान होगा और न ही कोई भी श्रद्धालु प्रशाद चढ़ा सकेगा। भगवान से भी कम से कम छह फुट की दूरी बनाकर रखनी पड़ेगी। मंदिर के घंटों को भी श्रद्धालु नहीं बजा सकेंगे। इन्हें बांधने व ढंकने के लिए कह दिया गया है। वहां रखे धार्मिक ग्रंथों को भी कोई नहीं छू सकेगा।
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पूजा के लिए अगर बैठना है तो लोगों को अपनी ही चटाई या आसन लेकर आना पड़ेगा। मंदिर के बाहर सर्किल बनाने होंगे, जब श्रद्धालु अंदर ज्यादा होंगे तो बाकियों को बाहर इंतजार करना होगा।
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पूजा करते वक्त छह फीट की दूरी रखनी होगी। जूते-चप्पल भी गाड़ी में रखना होगा, नहीं तो घर ही छोड़कर आना होगा, मंदिर में कोई व्यवस्था नहीं होगी। लोगों को धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट और मॉल में छह फीट की दूरी, चेहरे पर मास्क, सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को प्रवेश द्वार को हर थोड़ी देर बाद सैनिटाइज करना होगा।
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न घंटा बजा सकेंगे और न धार्मिक ग्रंथ छू सकेंगे
मंदिरों में न ही कोई सामूहिक अनुष्ठान होगा और न ही कोई भी श्रद्धालु प्रशाद चढ़ा सकेगा। भगवान से भी कम से कम छह फुट की दूरी बनाकर रखनी पड़ेगी। मंदिर के घंटों को भी श्रद्धालु नहीं बजा सकेंगे। इन्हें बांधने व ढंकने के लिए कह दिया गया है। वहां रखे धार्मिक ग्रंथों को भी कोई नहीं छू सकेगा।
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पूजा के लिए अगर बैठना है तो लोगों को अपनी ही चटाई या आसन लेकर आना पड़ेगा। मंदिर के बाहर सर्किल बनाने होंगे, जब श्रद्धालु अंदर ज्यादा होंगे तो बाकियों को बाहर इंतजार करना होगा।
फ्लोर पर मार्किंग करके रेस्टोरेंट में सामाजिक दूरी का करवाना होगा पालन
यूटी प्रशासन ने रेस्टोरेंट के लिए भी गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके अनुसार रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए। कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें। कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे।
रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने-जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिएं। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में बैठने की क्षमता के मुकाबले अब 50 फीसदी लोग ही एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे।
शॉपिग मॉल खुलेंगे पर सिनेमा हॉल बंद रहेंगे
शॉपिंग मॉल में दुकानदारों को भीड़ जुटने से रोकना होगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने कहा है कि एलिवेटरों पर भी लोगों की सीमित संख्या तय करनी होगी। मॉल के अंदर दुकानें तो खुलेंगी, लेकिन गेमिंग आर्केड्स और बच्चों के खेलने की जगह और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉलों में एसी को 24 से 30 डिग्री और ह्यूमिडिटी को 40 से 70 प्रतिशत रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी ताकि लोग 6 फुट की दूरी बनाकर लाइन में खड़े हो सकें।
कंटेनमेंट जोन में बंद रहेंगे धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट व शॉपिंग मॉल्स
जारी आदेशों के अनुसार कंटेनमेंट जोन के अंदर धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट व शॉपिंग मॉल्स अभी बंद रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि प्रार्थना स्थलों पर अक्सर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लिहाजा जरूरी है कि इन परिसरों में शारीरिक दूरी और अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्डेड भक्ति संगीत बजाया जा सकता है, लेकिन संक्रमण के खतरे से बचने के लिए समूह में गाने की अनुमति नहीं होगी।
रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने-जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिएं। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में बैठने की क्षमता के मुकाबले अब 50 फीसदी लोग ही एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे।
शॉपिग मॉल खुलेंगे पर सिनेमा हॉल बंद रहेंगे
शॉपिंग मॉल में दुकानदारों को भीड़ जुटने से रोकना होगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने कहा है कि एलिवेटरों पर भी लोगों की सीमित संख्या तय करनी होगी। मॉल के अंदर दुकानें तो खुलेंगी, लेकिन गेमिंग आर्केड्स और बच्चों के खेलने की जगह और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉलों में एसी को 24 से 30 डिग्री और ह्यूमिडिटी को 40 से 70 प्रतिशत रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी ताकि लोग 6 फुट की दूरी बनाकर लाइन में खड़े हो सकें।
कंटेनमेंट जोन में बंद रहेंगे धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट व शॉपिंग मॉल्स
जारी आदेशों के अनुसार कंटेनमेंट जोन के अंदर धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट व शॉपिंग मॉल्स अभी बंद रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि प्रार्थना स्थलों पर अक्सर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लिहाजा जरूरी है कि इन परिसरों में शारीरिक दूरी और अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्डेड भक्ति संगीत बजाया जा सकता है, लेकिन संक्रमण के खतरे से बचने के लिए समूह में गाने की अनुमति नहीं होगी।