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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में इलाज की राह नहीं आसान, हिम केयर के मरीज हो रहे परेशान

Wed, 05 Apr 2023 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 01:46 AM IST
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The path of treatment is not easy in GMCH-32, patients of Him Care are getting worried
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में इलाज कराने आने वाले हिम केयर योजना के लाभार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुफ्त इलाज की योजना में पंजीकृत हाेने के बावजूद उन्हें अलग से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इसका कारण एडिशनल चीजों के लिए मरीज के कंसल्टेंट का अप्रूवल अनिवार्य होना है। ऐसे में शाम 4 बजे के बाद कंसल्टेंट के उपलब्ध न होने पर सुविधा अधर में लटक रही है। परिजनों को मजबूरी में बिना अप्रूवल के ही बाहर से सामान खरीदकर देना पड़ रहा है। मरीज और परिजन परेशान हैं। उनका कहना है कि उनकी समस्या के समाधान को लेकर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है। केस- 1
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सामान बाहर से लाकर दिया, तब जाकर हुई सर्जरी
हिमाचल निवासी सुरेंद्र की पत्नी कुसुम को फ्रैक्चर हुआ तो इलाज कराने जीएमसीएच-32 पहुंचे। हिम केयर का कार्ड होने के कारण इलाज मुफ्त होना था। सुरेंद्र निश्चिंत थे। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज के घुटने की प्लेट बदलनी होगी। पैकेज तय हो गया। ऑपरेशन की तिथि भी तय हो गई। पैकेज को संबंधित कंसल्टेंट ने अप्रूव भी कर दिया। सर्जरी वाली शाम कुसुम को ओटी में ले जाया गया। सर्जरी के कुछ देर पहले ओटी का स्टाफ सुरेन्द्र को एक पर्ची थमाकर चला गया। उस पर कई चीजें लिखी थीं जो तत्काल खरीदकर लाना था। सुरेंद्र ने बताया कि वे हिम केयर के लाभार्थी हैं, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। कहा गया कंसल्टेंट सुबह आएंगे तब तक सर्जरी रोकी नहीं जा सकती। इसलिए सामान अभी खरीदकर लाना होगा। सुरेंद्र ने 3000 रुपये का सामान बाहर की दवा की दुकान से खरीदकर दिया। उसके बाद सर्जरी हुई।
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केस- 2
हिमाचल निवासी 32 साल की छाया के साथ भी ऐसा ही हुआ। घर में गिरने के कारण उसके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। उसका इलाज कराना था। पति ने फ्री इलाज की उम्मीद में उसे जीएमसीएच 32 में भर्ती करा दिया। पहले तो हिम केयर योजना के अंतर्गत पैकेज तय कर उसकी सर्जरी की तिथि तय कर दी गई। उसकी सर्जरी भी शाम 7 बजे हुई। इस कारण उसके परिजनों को भी ओटी में अलग से सामान खरीदकर पहुंचाना पड़ा।
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मरीज के परिजन बोले-पूरी जानकारी नहीं दी जा रही
ये तो महज दो मरीजों के उदाहरण हैं। लेकिन यह समस्या वहां इलाज के लिए आने वाले लगभग सभी लाभार्थियों के साथ है। कंसल्टेंट की अनिवार्यता उन मरीजाें के इलाज में बाधा बन रहा है। ऐसे मरीजों के परिजनों का कहना है कि इलाज तो मिल रहा है कि लेकिन उसे प्राप्त करने में तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। अस्पताल में पहले से व्यवस्था से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं दी जा रही। जिससे परिजनों को पैसा खर्च करने के साथ ही परेशान होना पड़ रहा है।
इनसेट-
क्या है हिम केयर योजना... आप भी जान लें
हिम केयर योजना एक हेल्थ इंश्योरेंस योजना है। जो व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं केवल वही हिम केयर योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके तहत 5 लाख रुपए तक की हेल्थ इंश्योरेंस परिवार को मुहैया कराया जाता है। यह स्कीम सह भुगतान के आधार पर चलाई जाती है। इस स्कीम का लाभ एक परिवार के पांच सदस्यों को प्राप्त हो सकता है। हिमाचल प्रदेश हिम केयर योजना के तहत ई-कार्ड मुहैया कराता है। इसकी सहायता से प्रदेश के नागरिक चयनित अस्पताल में फ्री ट्रीटमेंट आसानी से करा सकते हैं।

कोट-
हिम केयर के मरीजों का पैकेज तय होता है। उसमें कुछ अलग से जोड़ना हुआ तो उसके लिए संबंधित कंसल्टेंट से अप्रवू कराना होता है। इमरजेंसी में एसआर को अप्रूवल की अनुमति नहीं होती, लेकिन इसके कारण मरीज का इलाज बाधित नहीं होता है।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच-32
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