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Chandigarh News: सीबीआई जांच और इन्फोर्समेंट विंग को भंग करना ही एकमात्र रास्ताः सौरभ जोशी
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चंडीगढ़। भाजपा के पार्षद सौरभ जोशी ने नगर निगम की इन्फोर्समेंट विंग को भ्रष्टाचार का अड्डा करार देते हुए इसे तुरंत भंग करने की मांग की है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि विंग की जिम्मेदारी या तो केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सौंपी जाए या फिर प्रोफेशनल प्राइवेट एजेंसियों को दी जाए ताकि स्ट्रीट वेंडिंग से जुड़ी अवैध वसूली और भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।
जोशी ने अपने पत्र में कहा कि सीबीआई जांच और इन्फोर्समेंट विंग को भंग करना ही एकमात्र रास्ता है। उनका कहना है कि हाल ही में नगर निगम के कर्मचारी विकास ने जो खुलासे किए उन्होंने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। विकास ने आरोप लगाया था कि अधिकारी हर महीने 4 से 6 लाख रुपये की रिश्वत वसूल रहे हैं, कर्मचारियों पर दबाव डालकर उनसे खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं और यहां तक कि उनसे जबरन खंडन वाले वीडियो भी रिकॉर्ड कराए गए।पार्षद जोशी ने राज्यपाल से मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, सभी आरोपी अधिकारियों को तत्काल निलंबित और तबादला किया जाए ताकि वे अपने पद का दुरुपयोग या सबूतों से छेड़छाड़ न कर सकें। साथ ही, दोषियों पर कड़ी अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई भी की जाए।
यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि संस्थागत वसूली
भाजपा पार्षद जोशी ने यह भी कहा कि देश के कई शहरों जैसे इंदौर, सूरत और हैदराबाद में इन्फोर्समेंट का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपा गया है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकी। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही मॉडल अपनाने या फिर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को यह जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत है। जोशी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष निगम की जनरल हाउस बैठक के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि संस्थागत वसूली है। चंडीगढ़ को ऐसे सिस्टम पर नहीं चलाया जा सकता। इन्फोर्समेंट विंग को पूरी तरह समाप्त करना होगा और दोषियों को सीबीआई के सामने जवाबदेह ठहराना होगा।
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भाजपा पार्षद जोशी ने यह भी कहा कि देश के कई शहरों जैसे इंदौर, सूरत और हैदराबाद में इन्फोर्समेंट का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपा गया है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकी। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही मॉडल अपनाने या फिर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को यह जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत है। जोशी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष निगम की जनरल हाउस बैठक के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि संस्थागत वसूली है। चंडीगढ़ को ऐसे सिस्टम पर नहीं चलाया जा सकता। इन्फोर्समेंट विंग को पूरी तरह समाप्त करना होगा और दोषियों को सीबीआई के सामने जवाबदेह ठहराना होगा।
-- - वर्जन -- -
इंफोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टरों पर जो आरोप लगाए गए हैं, उस मुद्दे पर सोमवार को जांच कराने के आदेश दिए जाएंगे। - अमित कुमार, आयुक्त, नगर निगम
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जोशी ने अपने पत्र में कहा कि सीबीआई जांच और इन्फोर्समेंट विंग को भंग करना ही एकमात्र रास्ता है। उनका कहना है कि हाल ही में नगर निगम के कर्मचारी विकास ने जो खुलासे किए उन्होंने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। विकास ने आरोप लगाया था कि अधिकारी हर महीने 4 से 6 लाख रुपये की रिश्वत वसूल रहे हैं, कर्मचारियों पर दबाव डालकर उनसे खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं और यहां तक कि उनसे जबरन खंडन वाले वीडियो भी रिकॉर्ड कराए गए।पार्षद जोशी ने राज्यपाल से मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, सभी आरोपी अधिकारियों को तत्काल निलंबित और तबादला किया जाए ताकि वे अपने पद का दुरुपयोग या सबूतों से छेड़छाड़ न कर सकें। साथ ही, दोषियों पर कड़ी अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई भी की जाए।
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यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि संस्थागत वसूली
भाजपा पार्षद जोशी ने यह भी कहा कि देश के कई शहरों जैसे इंदौर, सूरत और हैदराबाद में इन्फोर्समेंट का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपा गया है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकी। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही मॉडल अपनाने या फिर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को यह जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत है। जोशी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष निगम की जनरल हाउस बैठक के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि संस्थागत वसूली है। चंडीगढ़ को ऐसे सिस्टम पर नहीं चलाया जा सकता। इन्फोर्समेंट विंग को पूरी तरह समाप्त करना होगा और दोषियों को सीबीआई के सामने जवाबदेह ठहराना होगा।
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भाजपा पार्षद जोशी ने यह भी कहा कि देश के कई शहरों जैसे इंदौर, सूरत और हैदराबाद में इन्फोर्समेंट का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपा गया है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकी। चंडीगढ़ में भी ऐसा ही मॉडल अपनाने या फिर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को यह जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत है। जोशी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष निगम की जनरल हाउस बैठक के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि संस्थागत वसूली है। चंडीगढ़ को ऐसे सिस्टम पर नहीं चलाया जा सकता। इन्फोर्समेंट विंग को पूरी तरह समाप्त करना होगा और दोषियों को सीबीआई के सामने जवाबदेह ठहराना होगा।
इंफोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टरों पर जो आरोप लगाए गए हैं, उस मुद्दे पर सोमवार को जांच कराने के आदेश दिए जाएंगे। - अमित कुमार, आयुक्त, नगर निगम