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नए मेयर की आसान नहीं राह, कमेटी के फैसले बन सकते हैं चुनौती
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चंडीगढ़। नवनिर्वाचित मेयर रविकांत शर्मा की राह फिलहाल आसान नहीं होगी। इस साल कई कमेटियों के फैसले आने हैं, जिसे लेकर पिछले साल काफी विवाद हुआ था। ऐसे में कमेटी के फैसलों के बाद उस अमल करवाना एक चुनौती होगी।
पिछले साल कोरोना के कारण नगर निगम वैसे ही वित्तीय समस्या से जूझता रहा। ऐसे में स्मार्ट वॉच पहनने को लेकर सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन शुरू हो गया था। निगम के अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। उसके बाद सदन की बैठक में इस पर चर्चा हुई। उसके बाद एक कमेटी बनाकर घड़ियों से होने वाली समस्या की रिपोर्ट बनाकर सदन में लाने को कहा। फिलहाल यह रिपोर्ट अभी आनी है। इसी तरह निगम का रेवेन्यू बढ़ाने के लिए नगर निगम महिला भवन के उपयोग का एजेंडा लाया था। उसके बाद अधिकारियों व पार्षदों के विचारों में भिन्नता होने पर एक कमेटी बनाकर इसके बेहतर उपयोग की योजना तैयार करने की बात कही गई। फिलहाल यह मामला भी अभी अधर में है।
नगर निगम शहर के शौचालयों की मरम्मत के लिए सदन में एजेंडा लेकर आया था। उस समय भी पार्षदों ने वित्त का हवाला देकर कहा कि कौन-से शौचालय मरम्मत होने हैं, इसकी कमेटी बनाकर रिपोर्ट तैयार करा लेते हैं। फिलहाल यह मामला अभी लटका हुआ है। भाजपा पार्षद चंद्रावती शुक्ला व अनिल दुबे एक एजेंडा लेकर आए थे। इसमें मकानों की ऊंचाई तय करने को कहा गया था। अन्य पार्षदों ने कहा कि उनके भी क्षेत्र में ऐसे मकान हैं जिनकी ऊंचाई बढ़ गई है। इसके बाद सदन ने कमेटी बनाकर इसकी रिपोर्ट बनाने को कहा था, फिलहाल यह रिपोर्ट ऊी अभी आनी है। इसके अलावा भी कई ऐसे मामले हैं, जिसमें कमेटी बनाई गई है। ऐसे में इन कमेटियों की रिपोर्ट मेयर के लिए चुनौती होगी।
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पिछले साल कोरोना के कारण नगर निगम वैसे ही वित्तीय समस्या से जूझता रहा। ऐसे में स्मार्ट वॉच पहनने को लेकर सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन शुरू हो गया था। निगम के अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। उसके बाद सदन की बैठक में इस पर चर्चा हुई। उसके बाद एक कमेटी बनाकर घड़ियों से होने वाली समस्या की रिपोर्ट बनाकर सदन में लाने को कहा। फिलहाल यह रिपोर्ट अभी आनी है। इसी तरह निगम का रेवेन्यू बढ़ाने के लिए नगर निगम महिला भवन के उपयोग का एजेंडा लाया था। उसके बाद अधिकारियों व पार्षदों के विचारों में भिन्नता होने पर एक कमेटी बनाकर इसके बेहतर उपयोग की योजना तैयार करने की बात कही गई। फिलहाल यह मामला भी अभी अधर में है।
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नगर निगम शहर के शौचालयों की मरम्मत के लिए सदन में एजेंडा लेकर आया था। उस समय भी पार्षदों ने वित्त का हवाला देकर कहा कि कौन-से शौचालय मरम्मत होने हैं, इसकी कमेटी बनाकर रिपोर्ट तैयार करा लेते हैं। फिलहाल यह मामला अभी लटका हुआ है। भाजपा पार्षद चंद्रावती शुक्ला व अनिल दुबे एक एजेंडा लेकर आए थे। इसमें मकानों की ऊंचाई तय करने को कहा गया था। अन्य पार्षदों ने कहा कि उनके भी क्षेत्र में ऐसे मकान हैं जिनकी ऊंचाई बढ़ गई है। इसके बाद सदन ने कमेटी बनाकर इसकी रिपोर्ट बनाने को कहा था, फिलहाल यह रिपोर्ट ऊी अभी आनी है। इसके अलावा भी कई ऐसे मामले हैं, जिसमें कमेटी बनाई गई है। ऐसे में इन कमेटियों की रिपोर्ट मेयर के लिए चुनौती होगी।
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