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Chandigarh News: अतिक्रमण पर नगर निगम करेगा और कड़ा प्रहार... एसएसपी से 20 कांस्टेबल की मांग
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चंडीगढ़। शहर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने पुलिस विभाग से सीधी सहायता मांगी है। नगर आयुक्त की ओर से एसएसपी को लिखे पत्र में 20 कांस्टेबल मांगे हैं। इनमें 6 महिला कांस्टेबल को एनफोर्समेंट ब्रांच में तैनात करने का आग्रह किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में पुलिस को भी पक्षकार बनाया गया है।
अमर उजाला ने पिछले दिनों विशेष कवरेज कर बताया था कि अभियान के दौरान कैसे नगर निगम के कर्मचारियों पर हमला होता है। 15 दिसंबर को ‘शहर में अतिक्रमण की भरमार, कार्रवाई करने पर निगम कर्मियों को पड़ रही मार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग भी हरकत में आया है और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा और अभियान की सख्ती के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखा है। खबर में बताया गया था कि अतिक्रमण टीम के साथ हर महीने करीब 14 घटनाएं ऐसी होती हैं। ऐसे में निगम प्रशासन ने माना कि पुलिस सहायता बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल 10 अतिरिक्त पुलिस बल निगम को मिल चुके हैं।
पुलिस भी पक्षकार है
निगम की तरफ से बताया गया है कि अतिक्रमण को सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में पुलिस भी पक्षकार है। पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ मामले में शहर से अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नगर निगम का कहना है कि अवैध वेंडरों द्वारा अक्सर एनफोर्समेंट स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हाथापाई की घटनाएं होती हैं, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती है।
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रात 8 बजे के बाद पुलिस सक्रिय रहे
नगर निगम ने पुलिस विभाग से कार्यालय समय (दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक) एनफोर्समेंट ड्राइव के दौरान सहायता देने और इसके अलावा भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा है ताकि हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण न हो सके। नगर आयुक्त की तरफ से कहा गया है कि पुलिस सहायता न मिलने के कारण कई बार निगम कर्मचारियों को बीट बॉक्स और थानों में इंतजार करना पड़ता है जिससे कामकाज प्रभावित होता है।
पहले हुए कुछ विवाद
केस एक - 4 जून 2025 को सेक्टर-15 की पटेल मार्केट में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम पर निहंग के वेश में बैठे तीन लोगों ने लाठियों से हमला कर दिया। एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी भी की गई।
केस दो - 15 फरवरी 2022 को सेक्टर-37 में नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमले में प्रवर्तन दल टीम के इंस्पेक्टर घायल हुए थे। बिना परमिशन रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले आठ लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
केस तीन - 11 जनवरी 2021 में सेक्टर 19 में पार्किंग में अवैध फड़ी लगाने वाले ने सब इंस्पेक्टर सहित कर्मचारियों पर हमला कर दिया था। इंस्पेक्टर घायल हो गया था। पुलिस ने घायल इंफोर्समेंट विंग के सब इंस्पेक्टर वेद प्रकाश को जीएमएसएच 16 में भर्ती करवाया।
केस चार - 13 दिसंबर को 22 मार्केट में कर्मचारी पर तीन महिलाओं ने हमला कर दिया था। उस दौरान उनके हथेली में चोट आई थी। अवैध तरीके से काम कर रही महिलाओं का सामान नगर निगम की टीम उठा रही थी।
केस पांच - 19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चले अभियान में सेक्टर 16 में निगम कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। इसके अलावा मनीमाजरा में भी सब्जी वाले ने प्रवर्तन विंग के इंस्पेक्टर के साथ बदतमीजी की। दोनों ही जगह पर पुलिस बुलानी पड़ी।
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अमर उजाला ने पिछले दिनों विशेष कवरेज कर बताया था कि अभियान के दौरान कैसे नगर निगम के कर्मचारियों पर हमला होता है। 15 दिसंबर को ‘शहर में अतिक्रमण की भरमार, कार्रवाई करने पर निगम कर्मियों को पड़ रही मार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग भी हरकत में आया है और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा और अभियान की सख्ती के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखा है। खबर में बताया गया था कि अतिक्रमण टीम के साथ हर महीने करीब 14 घटनाएं ऐसी होती हैं। ऐसे में निगम प्रशासन ने माना कि पुलिस सहायता बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल 10 अतिरिक्त पुलिस बल निगम को मिल चुके हैं।
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पुलिस भी पक्षकार है
निगम की तरफ से बताया गया है कि अतिक्रमण को सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में पुलिस भी पक्षकार है। पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ मामले में शहर से अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नगर निगम का कहना है कि अवैध वेंडरों द्वारा अक्सर एनफोर्समेंट स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हाथापाई की घटनाएं होती हैं, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती है।
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रात 8 बजे के बाद पुलिस सक्रिय रहे
नगर निगम ने पुलिस विभाग से कार्यालय समय (दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक) एनफोर्समेंट ड्राइव के दौरान सहायता देने और इसके अलावा भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा है ताकि हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण न हो सके। नगर आयुक्त की तरफ से कहा गया है कि पुलिस सहायता न मिलने के कारण कई बार निगम कर्मचारियों को बीट बॉक्स और थानों में इंतजार करना पड़ता है जिससे कामकाज प्रभावित होता है।
पहले हुए कुछ विवाद
केस एक - 4 जून 2025 को सेक्टर-15 की पटेल मार्केट में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम पर निहंग के वेश में बैठे तीन लोगों ने लाठियों से हमला कर दिया। एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी भी की गई।
केस दो - 15 फरवरी 2022 को सेक्टर-37 में नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमले में प्रवर्तन दल टीम के इंस्पेक्टर घायल हुए थे। बिना परमिशन रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले आठ लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
केस तीन - 11 जनवरी 2021 में सेक्टर 19 में पार्किंग में अवैध फड़ी लगाने वाले ने सब इंस्पेक्टर सहित कर्मचारियों पर हमला कर दिया था। इंस्पेक्टर घायल हो गया था। पुलिस ने घायल इंफोर्समेंट विंग के सब इंस्पेक्टर वेद प्रकाश को जीएमएसएच 16 में भर्ती करवाया।
केस चार - 13 दिसंबर को 22 मार्केट में कर्मचारी पर तीन महिलाओं ने हमला कर दिया था। उस दौरान उनके हथेली में चोट आई थी। अवैध तरीके से काम कर रही महिलाओं का सामान नगर निगम की टीम उठा रही थी।
केस पांच - 19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चले अभियान में सेक्टर 16 में निगम कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। इसके अलावा मनीमाजरा में भी सब्जी वाले ने प्रवर्तन विंग के इंस्पेक्टर के साथ बदतमीजी की। दोनों ही जगह पर पुलिस बुलानी पड़ी।