फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   deteriorating air quality in Tricity demand for strict action plan High Court

बिगड़ रही ट्राईसिटी की हवा: सख्त एक्शन प्लान की मांग का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, जल्द सुनवाई संभव

Tue, 20 Jan 2026 03:16 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 20 Jan 2026 03:16 AM IST
सार

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कम औद्योगिक गतिविधियों और नियोजित शहरी ढांचे के बावजूद चंडीगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में विशेषकर सर्दियों के महीनों में वायु गुणवत्ता में तीव्र गिरावट देखी जा रही है।

विज्ञापन
deteriorating air quality in Tricity demand for strict action plan High Court
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ट्राईसिटी की वायु गुणवत्ता के लगातार बिगड़ते हालातों का मामला जनहित याचिका के माध्यम से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की स्थिति पर कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है। हाईकोर्ट में दाखिल इस जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई संभव है।
विज्ञापन


जनहित याचिका में ट्राईसिटी के लिए समन्वित, प्रभावी और समयबद्ध तंत्र स्थापित करने की मांग करते हुए अदालत से आग्रह किया गया है कि ट्राइसिटी-विशिष्ट संयुक्त कार्य समिति का तत्काल गठन किया जाए। इस समिति में केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड, चंडीगढ़ प्रदूषण बोर्ड, पंजाब प्रदूषण बोर्ड, हरियाणा प्रदूषण बोर्ड तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी शामिल करने की मांग की गई है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट से अपील की गई कि इस समिति को ट्राईसिटी की भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के अनुरूप एक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन ब्लूप्रिंट तैयार कर उसे अधिसूचित करने का निर्देश जारी किया जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कम औद्योगिक गतिविधियों और नियोजित शहरी ढांचे के बावजूद चंडीगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में विशेषकर सर्दियों के महीनों में वायु गुणवत्ता में तीव्र गिरावट देखी जा रही है। उनके अनुसार यह संकट न तो अचानक है और न ही अप्रत्याशित, इसके बावजूद संबंधित प्राधिकरण अब तक ग्रेप जैसे किसी संरचित, लागू करने योग्य और चरणबद्ध आपात प्रतिक्रिया तंत्र को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहे हैं।


याचिका में मांग की गई है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक से जुड़ी आपातकालीन ग्रेड प्रतिक्रिया हाईकोर्ट की निगरानी में लागू की जाए। जब सूचकांक गंभीर या अत्यंत खतरनाक श्रेणी में प्रवेश करे, तो प्रवर्तन एजेंसियां समयबद्ध और कड़े कदम उठाए और यह सब राष्ट्रीय ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) की भावना और ढांचे के अनुरूप हो। हाई कोर्ट इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed