फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The Ku walked in hostels million spend on security swords, firing

सुरक्षा पर दो करोड़ खर्चने वाली केयू के हॉस्टल में चलीं तलवारें, फायरिंग

Sun, 14 Sep 2014 12:05 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र Updated Sun, 14 Sep 2014 12:05 AM IST
विज्ञापन
सुरक्षा के पुख्ता दावे करने वाली कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सारे दावों की शुक्रवार को देर रात नरहरि भवन परिसर में फायरिंग करने तथा तलवारें लहराने वालों ने बखियां उधेड़ कर रख दी।
विज्ञापन


हैरत की बात तो यह है कि जहां पुलिस प्रशासन ने घटना में शामिल लोगों को आउट साइडर करार दिया। वहीं केयू प्रशासन अपना बचाव करते हुए इन छात्रों को यूनिवर्सिटी का बताता नजर आया।
विज्ञापन


इस पूरी घटना से सुरक्षा पर हर वर्ष 2 करोड़ से अधिक खर्च करने वाली यूनिवर्सिटी सवालों के घेरे में आ गई है। घटना में घायल हुए सोनू के अनुसार शुक्रवार को शाम करीब साढ़े सात बजे वे अपने दोस्त महावीर के साथ मार्केट में बैठे हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान लड़कों को वहां पर जमा होते देख उन्हें अंदेशा हुआ कि उन्हें खतरा है जिसके बाद वे हॉस्टल की ओर निकल गए। स्वयं को भगत सिंह हॉस्टल नंबर एक का बताने देने वाले सोनू ने बताया कि वे नरहरि हॉस्टल में चले गए।

ताकि बदमाश लड़कों से बचा जा सके। बावजूद इसके करीब 50 लड़कों ने उन्हें नरहरि हॉस्टल में घेर लिया और उनपर फायरिंग की। इस फायरिंग के बाद उन्होंने तलवार और गंडासियों ने उनपर हमला कर दिया।

इसमें दोनों बुरी तरह से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची तब तक सभी वहां से फरार हो चुके थे। इस पूरे प्रकरण के चलते कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है।

सुरक्षा अधिकारी और चीफ वार्डन की ढीला

थर्ड गेट चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने सीधे तौर पर सिक्योरिटी पर सवालिया निशान लगाया। देवेंद्र ने कहा कि 300 सिक्योरिटी के होने के बावजूद भी हॉस्टल में आउट साइडरों का डेरा रहता है।

अधिकारियों के नकारात्मक रवैये का नतीजा ही है कि इतनी लंबी सिक्योरिटी होने के बाद भी रोज इस प्रकार की मारपीट की घटनाएं सामने आ रहीं है।

उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है और इसके लिए वे केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर से बातचीत करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि चीफ वार्डन डॉ. सतदेव का का रवैया भी हॉस्टलों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में वाइस चांसलर से बात करेंगे जिससे हॉस्टलों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए।

12 पुलिस वाले काबू कर सकते हैं तो 300 की फौज क्यों नहीं
चौकी प्रभारी देवेंद्र ने कहा कि उनके पास पुलिस के 12 जवान हैं ऐसे में भी वे पूरा प्रयास करते हैं कि किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो।

उन्होंने चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर को भी कई बार कहा कि सिक्योरिटी बंदोबस्त को सुधारा जाए, परंतु उनकी ओर से कोई पहल नहीं की गई। ठीक इसी प्रकार का रवैया चीफ वार्डन डॉ. सतदेव का भी रहा है।

हर वर्ष दो करोड़ सुरक्षा पर खर्च
केयू की सिक्योरिटी पर यदि कुल खर्च जोड़ा जाए तो राशि लगभग 2 करोड़ रुपये बनती है। इस राशि के बावजूद भी केयू की सुरक्षा न के बराबर है। केयू में लगातार कभी मार्केट में तथा कभी हॉस्टलों में ऑउट साइडरों के आतंक की वारदातें आम हो गई हैं।


सिक्योरिटी अधिकारी ने भी इशारों में उठाया सवाल
जब हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था के बारे में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. डीएस संधू  से बात की गई तो उन्होंने मामले को गोलमोल कर दिया।

जब उनसे पूछा गया कि हॉस्टल की सुरक्षा कमजोर क्यों है तो उन्होंने इशारे में ही कहा कि सभी पक्षों से सहयोग मिले तो सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।

जब हॉस्टल प्रशासन से मिलने वाले सहयोग के बारे में स्पष्ट रूप से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों के बारे में वे टिप्पणी नहीं कर सकते। उनके बयान ने हॉस्टल प्रशासन को भी कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed