फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The government should withdraw the new bill, our identity will be lost.

Chandigarh News: नया बिल वापस ले सरकार, गुम हो जाएगी हमारी पहचान

Sun, 22 Mar 2026 12:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
The government should withdraw the new bill, our identity will be lost.
चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ चंडीगढ़ में ट्रांसजेंडर और एलजीबीटीक्यूआईए समुदाय ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 46 ट्रांसजेंडर और एलजीबीटीक्यूआईए समुदाय के सदस्य जुटे और नारेबाजी की और वॉक किया।
विज्ञापन

इस दौरान एमएक्स धनंजय चौहान ने कहा कि नया बिल आत्म-पहचान के अधिकार का हनन है। उनका आरोप है कि नया बिल 2014 के सुप्रीम कोर्ट के ''''''''नालसा'''''''' फैसले का उल्लंघन करता है जो उन्हें स्वयं की लैंगिक पहचान चुनने का अधिकार देता है।
विज्ञापन

इस दौरान अमानत ने कहा कि मेडिकल बोर्ड और डीएम का हस्तक्षेप कतई बर्दाश्त नहीं है। इस विधेयक में पहचान प्रमाण पत्र के लिए मेडिकल बोर्ड की सिफारिश और जिला मजिस्ट्रेट के विवेक को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है। जिसको समुदाय अपमानजनक और निजता का हनन मान रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरव ने कहा कि इस बिल में ट्रांसजेंडर शब्द की परिभाषा को सीमित कर दिया गया है। इसके साथ ही स्व-अनुभवी लिंग पहचान को हटाने की कोशिश की जा रही है, जिससे कई लोग कानूनी सुरक्षा के दायरे से बाहर हो सकते हैं।

आफरीन ने कहा कि विधेयक में प्रलोभन और जबरदस्ती जैसे अस्पष्ट शब्दों का इस्तेमाल करने से उन संगठनों और व्यक्तियों के लिए खतरा बढ़ सकता है जो ट्रांस व्यक्तियों की सहायता करते हैं। इस दौरान सेक्टर-17 प्लाजा में साहिल, रुद्द प्रताप सिंह, एनडी, पीयूष के साथ कई सदस्य मौजूद रहीं। इस दौरान इन सभी ने बताया कि विधेयक के कुछ प्रावधानों की व्याख्या इस तरह की जा रही है कि एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को कानूनी मान्यता प्राप्त करने के लिए किसी पारंपरिक ''''''''डेरा'''''''' (गुरु-चेला परंपरा) से जुड़ा होना या उनके द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक हो सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह उन ट्रांस व्यक्तियों के खिलाफ है जो अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं। अकेले या स्वतंत्र रूप से समाज में रहना चाहते हैं। शिक्षित हैं और कॉर्पोरेट या अन्य पेशेवर क्षेत्रों में कार्यरत हैं। कई सदस्य हैं जो डेरा नहीं जा सकते हैं, मसलन ट्रांसमैन, अपने जेंडर को बदलवाने वाले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed