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Chandigarh News: भागवत कथा में सुनाया शुक-परीक्षित प्रसंग
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माता-पिता और गुरु की आज्ञा मानने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। स्मॉल फ्लैट मलोया में स्कूल के पास स्थित मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास पंडित कृष्ण श्री ठाकुर जी ने शुक-परीक्षित प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। श्रीराम कृष्ण सेवादल की ओर से आयोजित कथा में उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को माता-पिता की आज्ञा का पालन और गुरु का सम्मान करना चाहिए। सच्चा मित्र वही होता है, जो संकट के समय सहायता के लिए आगे आए। समाज में प्रेम, सहयोग और आपसी सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाएं अच्छे संस्कार अपनाने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती हैं। भागवत कथा के श्रवण से आध्यात्मिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। श्रीराम कृष्ण सेवादल के अध्यक्ष हरिशंकर मिश्रा ने बताया कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा के बाद भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। स्मॉल फ्लैट मलोया में स्कूल के पास स्थित मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास पंडित कृष्ण श्री ठाकुर जी ने शुक-परीक्षित प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। श्रीराम कृष्ण सेवादल की ओर से आयोजित कथा में उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को माता-पिता की आज्ञा का पालन और गुरु का सम्मान करना चाहिए। सच्चा मित्र वही होता है, जो संकट के समय सहायता के लिए आगे आए। समाज में प्रेम, सहयोग और आपसी सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाएं अच्छे संस्कार अपनाने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती हैं। भागवत कथा के श्रवण से आध्यात्मिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। श्रीराम कृष्ण सेवादल के अध्यक्ष हरिशंकर मिश्रा ने बताया कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा के बाद भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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