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कर्मचारियों को दिलाई मच्छरों के खात्मे की शपथ और पूरा हो गया मच्छररोधी माह
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चंडीगढ़। शहर में हर साल डेंगू के मरीजों की संख्या में दोगुने से भी ज्यादा इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग बचाव कार्य करने में जुटा हुआ है लेकिन ये सारे कार्य सिर्फ फाइलों में ही हो रहे हैं। कागजों से निकलकर कोई भी कार्ययोजना धरातल पर नहीं पहुंच रही। नतीजा डेंगू के रूप में सामने आ रहा है।
स्थिति यह है कि पिछले तीन महीनों में लगातार तीन विशेष अवसर गुजरे हैं। इसमें अप्रैल में मनाया जाने वाला विश्व मलेरिया दिवस, मई में राष्ट्रीय डेंगू दिवस और जून का मलेरिया रोधी माह है। दिवस तो दिवस स्वास्थ्य विभाग ने माह तक को फाइलों में ही समेट कर रख दिया। जागरूकता अभियान के नाम पर सिर्फ विशेष अवसरों पर अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्र में 5 मिनट का शपथ ग्रहण कार्यक्रम कराया गया। इसमें अपने ही कर्मचारियों को मच्छरों से बचाव संबंधी शपथ दिलाई गई। मच्छर से बचाव संबंधी कार्य के लिए संचालित होने वाले मलेरिया विभाग के कर्मचारी टीकाकरण अभियान में लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अगर बचाव व जागरूकता कार्य वाकई धरातल पर किए जाते तो हर साल डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी नहीं दर्ज की जाती लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वे डेंगू-मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा छिपाकर वास्तविक स्थिति पर पर्दा डालने का काम बखूबी कर रहे हैं।
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इनसेट-
मच्छरों से बचाव के लिए करना है ये कार्य
- जागरूकता संबंधी पंफलेट का जनता में वितरण
- विज्ञापन के माध्यम से लोगों को जागरूकता
- मेगा फोन एनाउंसमेंट का प्रयोग
- रेडियो के माध्यम से जागरूकता
- शहर में जगह-जगह होर्डिंग लगवाना
- विशेष अभियान के अंतर्गत धार्मिक स्थलों पर मच्छरों से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम करना
- रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर मच्छर जनित बीमारियों से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम करना
- मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर डेंगूरोधी अभियान चलाना
- शहर के अलग-अलग मोटर मार्केट में विशेष अभियान चलाया जाना
मलेरिया विभाग के मुख्य दिवस
- 25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस
- 16 मई राष्ट्रीय डेंगू दिवस
- जून मलेरिया रोधी माह
- जुलाई डेंगूरोधी माह
कोट-
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित मलेरिया विंग मच्छरों से बचाव व जागरूकता संबंधी कार्य कर रहा है। उसकी रिपोर्ट प्रशासन को दी जाती है।
डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक
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स्थिति यह है कि पिछले तीन महीनों में लगातार तीन विशेष अवसर गुजरे हैं। इसमें अप्रैल में मनाया जाने वाला विश्व मलेरिया दिवस, मई में राष्ट्रीय डेंगू दिवस और जून का मलेरिया रोधी माह है। दिवस तो दिवस स्वास्थ्य विभाग ने माह तक को फाइलों में ही समेट कर रख दिया। जागरूकता अभियान के नाम पर सिर्फ विशेष अवसरों पर अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्र में 5 मिनट का शपथ ग्रहण कार्यक्रम कराया गया। इसमें अपने ही कर्मचारियों को मच्छरों से बचाव संबंधी शपथ दिलाई गई। मच्छर से बचाव संबंधी कार्य के लिए संचालित होने वाले मलेरिया विभाग के कर्मचारी टीकाकरण अभियान में लगाए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अगर बचाव व जागरूकता कार्य वाकई धरातल पर किए जाते तो हर साल डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी नहीं दर्ज की जाती लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वे डेंगू-मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा छिपाकर वास्तविक स्थिति पर पर्दा डालने का काम बखूबी कर रहे हैं।
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इनसेट-
मच्छरों से बचाव के लिए करना है ये कार्य
- जागरूकता संबंधी पंफलेट का जनता में वितरण
- विज्ञापन के माध्यम से लोगों को जागरूकता
- मेगा फोन एनाउंसमेंट का प्रयोग
- रेडियो के माध्यम से जागरूकता
- शहर में जगह-जगह होर्डिंग लगवाना
- विशेष अभियान के अंतर्गत धार्मिक स्थलों पर मच्छरों से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम करना
- रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर मच्छर जनित बीमारियों से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम करना
- मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर डेंगूरोधी अभियान चलाना
- शहर के अलग-अलग मोटर मार्केट में विशेष अभियान चलाया जाना
मलेरिया विभाग के मुख्य दिवस
- 25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस
- 16 मई राष्ट्रीय डेंगू दिवस
- जून मलेरिया रोधी माह
- जुलाई डेंगूरोधी माह
कोट-
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित मलेरिया विंग मच्छरों से बचाव व जागरूकता संबंधी कार्य कर रहा है। उसकी रिपोर्ट प्रशासन को दी जाती है।
डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक