घरेलू नुस्खों पर भी मार: कोरोना से बचाव में काम आ रहे मसालों की मांग में तेजी, अचानक बढ़ गए दाम
घर में सुरक्षित रहने के साथ ही लोग गर्म पानी, काढ़ा, लेमन टी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। इसके लिए लौंग, मुलेठी, गिलोय, काली मिर्च, दालचीनी, कपूर व अजवायन की मांग में काफी वृद्धि हुई है।
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चंडीगढ़ सेक्टर- 23 के किराना दुकानदार नरेश महाजन ने बताया कि वे थोक में लौंग 500 रुपये किलो और फुटकर में एक हजार रुपये किलो तक बेच रहे हैं। इस समय सुगंध को लेकर लोग बहुत सजग हैं। इसलिए कपूर की भी अच्छी मांग बनी हुई है।
इस तरह हैं मसालों के दाम
थोक- 500 रुपये
फुटकर- 1000 रुपये
मुलेठी
थोक- 225 से 230 रुपये
फुटकर- 400 से 450 रुपये
काली मिर्च
थोक- 550 रुपये
फुटकर- 800 से 850 रुपये
दालचीनी
थोक- 300 रुपये (देशी), 550 रुपये (चाइनीज)
फुटकर- 550 रुपये (देशी), 1000 रुपये (चाइनीज)
कपूर
थोक- 1200 से 1300 रुपये
फुटकर- 1600 से 1800 रुपये
अजवायन
थोक- 250 रुपये
फुटकर- 300 रुपये
गिलोय
थोक- 80 से 90 रुपये
फुटकर- 140 रुपये
(सभी दाम प्रति किलो में)
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कपूर सूंघने से शरीर में संतुलित रहती है ऑक्सीजन की मात्रा
कपूर सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा संतुलित रहती है। इसके साथ ही मुलेठी से गला या इससे जुड़े किसी भी संक्रमण, कफ या सांस संबंधी समस्या में इसका सेवन फायदेमंद है। गिलोय में एंटी ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में होता है। जिससे बुखार, पीलिया, गठिया व कब्ज जैसे रोगों में इसका सेवन राहत दिलाता है। काली मिर्च वात और कफ को नष्ट करती है। साथ ही कफ तथा व वायु को निकालती है। दालचीनी के सेवन से पाचन तंत्र संबंधी विकार मे आराम मिलता है। अजवायन खाने से पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं, वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डॉ. राजीव कपिला, नोडल अधिकारी, नेशनल आयुष मिशन