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Chandigarh News: पीजीआई में शुरू होंगे देश के पहले दो सुपर स्पेशियलिटी कोर्स
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चंडीगढ़। पीजीआई में देश के पहले दो डीएम सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू करने की तैयारी चल रही है। पीजीआई प्रशासन जल्द ही गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में इसे मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेगा। ये दो कोर्स मस्कुलोस्केलेटल रेडियोलॉजी और वुमन्स इमेजिंग में डीएम हैं। तीन वर्षीय इन कोर्सों के शुरू करने का मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर, हड्डी के ट्यूमर और कुछ ऑस्टियोपोरोसिस फ्रैक्चर में दर्द निवारक सर्जरी जैसी स्थितियों के लिए मिनिमली इनवेसिव इमेज गाइडेंस सर्जरी में युवा डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना होगा क्योंकि मौजूदा समय में इन स्थितियों का इलाज सर्जरी से ही किया जा रहा है, जो इलाज के बाद निशान छोड़ जाता है।
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि इन क्षेत्रों में पिछले चार वर्षों से फैलोशिप चलाया जा रहा है। अब इस डीएम कोर्स में अपडेट करने की योजना बनाई गई है। वुमन्स इमेजिंग में डीएम कार्यक्रम अत्यधिक कौशल आधारित होगा और छात्रों को मैमोग्राम पढ़ने से परे प्रक्रिया में प्रशिक्षित किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा डॉक्टर मैमोग्राफी निर्देशित और एमआरआई निर्देशित बायोप्सी करना सीखेंगे, खासकर उन मामलों में जहां अल्ट्रासाउंड से गड़बड़ियों का पता नहीं लगाया जा सकता है। इसके साथ वुमन्स इमेजिंग में डीएम कार्यक्रम में स्तन कैंसर, स्त्री रोग और प्रसूति विज्ञान को शामिल किया जाएगा। इसमें निदान और उपचार प्रक्रिया दोनों ही शामिल होंगी। उन्हें वैक्यूम असिस्टेड एक्सीजन सिखाया जाएगा, जो निशान छोड़े बिना और एनेस्थीसिया के बिना सुई व वैक्यूम का उपयोग कर स्तन से द्रव्यमान को हटाने में सहायक होगा। यह एक डे केयर प्रक्रिया होगी। यह कार्यक्रम गर्भाशय के सभी प्रकार के कैंसर, बांझपन की जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था को भी कवर करेगा।
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पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि इन क्षेत्रों में पिछले चार वर्षों से फैलोशिप चलाया जा रहा है। अब इस डीएम कोर्स में अपडेट करने की योजना बनाई गई है। वुमन्स इमेजिंग में डीएम कार्यक्रम अत्यधिक कौशल आधारित होगा और छात्रों को मैमोग्राम पढ़ने से परे प्रक्रिया में प्रशिक्षित किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा डॉक्टर मैमोग्राफी निर्देशित और एमआरआई निर्देशित बायोप्सी करना सीखेंगे, खासकर उन मामलों में जहां अल्ट्रासाउंड से गड़बड़ियों का पता नहीं लगाया जा सकता है। इसके साथ वुमन्स इमेजिंग में डीएम कार्यक्रम में स्तन कैंसर, स्त्री रोग और प्रसूति विज्ञान को शामिल किया जाएगा। इसमें निदान और उपचार प्रक्रिया दोनों ही शामिल होंगी। उन्हें वैक्यूम असिस्टेड एक्सीजन सिखाया जाएगा, जो निशान छोड़े बिना और एनेस्थीसिया के बिना सुई व वैक्यूम का उपयोग कर स्तन से द्रव्यमान को हटाने में सहायक होगा। यह एक डे केयर प्रक्रिया होगी। यह कार्यक्रम गर्भाशय के सभी प्रकार के कैंसर, बांझपन की जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था को भी कवर करेगा।
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