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नगर निगम बोला- किसी चो में नहीं जा रहा गंदा पानी, कमेटी ने कहा- चो में मिला गंदा पानी
Sat, 13 Jun 2020 12:42 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 12:42 PM IST
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सुखना चो
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित कमेटी ने शुक्रवार को निगम के अधिकारियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें की। इस दौरान अधिकारियों ने दावा किया कि हमने सभी नालों व एसटीपी का गंदा पानी सुखना चो व एन चो में जाने से रोक दिया है। वहीं कमेटी के सदस्यों ने कहा कि जांच नमूनों में अभी भी चो में गंदा पानी मिला है।
कोरोना महामारी के कारण तीन माह से एनजीटी की बैठक नहीं हुई थी। इसके चलते अब कमेटी के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया। शुक्रवार को हुई बैठक में कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल ने सुखना चो व एन चो का स्टेटस पूछा। निगम के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ माह में शहर के अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया गया।
साथ ही चो में आने वाले गंदे पानी को रोका गया है। वहीं कमेटी ने बताया कि जो जांच के नमूने आए हैं, उसमें अभी भी गंदा पानी मिला है। इसका निरीक्षण करके हर हाल में गंदा पानी बंद कराएं। फिलहाल कंपनियां बंद हैं, इसके बावजूद गंदा पानी कहां से आ रहा है। अधिकारियों ने फिर से निरीक्षण कर गंदा पानी चो में जाने से रोकने की बात कही है।
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एसटीपी अपग्रेड करने में पहले ही देरी की, अब समय बढ़ाना ठीक नहीं
कमेटी ने शहर के छह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बारे में जानकारी मांगी। निगम के अधिकारियों ने बताया कि डिग्गियां में 30 एमजीडी, 3 बीआरडी में 11 एमजीडी, धनास में 1.65 एमजीडी, मलोया में 5 एमजीडी क्षमता वाले एसटीपी फिलहाल पानी ठीक तरह से ट्रीट कर रहे हैं, लेकिन रायपुरकलां में 5 एमजीडी व रायपुरखुर्द में 1.25 एमजीडी क्षमता वाले एसटीपी काफी पुरानी टेक्नोलॉजी वाले हैं इसलिए इनसे काफी कम पानी ट्रीट हो रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि एसटीपी के लिए टेंडर किये हैं, लेकिन अभी टेंडर खुले नहीं हैं। टेंडर होने के बाद कंपनी को एसटीपी को अपग्रेड करने में 18 माह लगेंगे इसलिए एसटीपी अपग्रेड करने की तय समय सीमा अप्रैल 2022 को बढ़ाया जाए क्योंकि अभी टेंडर करने में थोड़ा समय लगेगा। इस पर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि एसटीपी अपग्रेड करने में पहले ही देरी हुई है। ऐसे में समय सीमा बढ़ाना ठीक नहीं। हालांकि इस परन्तिम निर्णय एनजीटी दिल्ली ही लेगी।
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कोरोना महामारी के कारण तीन माह से एनजीटी की बैठक नहीं हुई थी। इसके चलते अब कमेटी के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया। शुक्रवार को हुई बैठक में कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल ने सुखना चो व एन चो का स्टेटस पूछा। निगम के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ माह में शहर के अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया गया।
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साथ ही चो में आने वाले गंदे पानी को रोका गया है। वहीं कमेटी ने बताया कि जो जांच के नमूने आए हैं, उसमें अभी भी गंदा पानी मिला है। इसका निरीक्षण करके हर हाल में गंदा पानी बंद कराएं। फिलहाल कंपनियां बंद हैं, इसके बावजूद गंदा पानी कहां से आ रहा है। अधिकारियों ने फिर से निरीक्षण कर गंदा पानी चो में जाने से रोकने की बात कही है।
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एसटीपी अपग्रेड करने में पहले ही देरी की, अब समय बढ़ाना ठीक नहीं
कमेटी ने शहर के छह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बारे में जानकारी मांगी। निगम के अधिकारियों ने बताया कि डिग्गियां में 30 एमजीडी, 3 बीआरडी में 11 एमजीडी, धनास में 1.65 एमजीडी, मलोया में 5 एमजीडी क्षमता वाले एसटीपी फिलहाल पानी ठीक तरह से ट्रीट कर रहे हैं, लेकिन रायपुरकलां में 5 एमजीडी व रायपुरखुर्द में 1.25 एमजीडी क्षमता वाले एसटीपी काफी पुरानी टेक्नोलॉजी वाले हैं इसलिए इनसे काफी कम पानी ट्रीट हो रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि एसटीपी के लिए टेंडर किये हैं, लेकिन अभी टेंडर खुले नहीं हैं। टेंडर होने के बाद कंपनी को एसटीपी को अपग्रेड करने में 18 माह लगेंगे इसलिए एसटीपी अपग्रेड करने की तय समय सीमा अप्रैल 2022 को बढ़ाया जाए क्योंकि अभी टेंडर करने में थोड़ा समय लगेगा। इस पर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि एसटीपी अपग्रेड करने में पहले ही देरी हुई है। ऐसे में समय सीमा बढ़ाना ठीक नहीं। हालांकि इस परन्तिम निर्णय एनजीटी दिल्ली ही लेगी।