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स्ट्रे डॉग की बढ़ी दहश्ात, मेनका गांधी से लगाई गुहार

Fri, 27 Mar 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 27 Mar 2015 12:35 AM IST
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 terror of street dogs, mayor seeks help to maneka gandhi

शहर में बढ़ रहे डॉग बाइट के कारण नगर निगम की खूब किरकिरी हो रही है। इसलिए मेयर ने पीएफए प्रमुख और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को पत्र लिखकर एनिमल बर्थ कंट्रोल (डॉग) के नियमों में तत्काल प्रभाव से बदलाव करने और पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय देने की मांग की है।

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दलील है कि स्ट्रे डॉग की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जब तक नियमों से संशोधन किया जाता, तब तक डॉग बाइट को रोक पाना मुश्किल है।

बुधवार को ही मनीमाजरा में स्ट्रे डॉग्स ने 11 बच्चों सहित 16 लोगों को काटा था। इनमें एक बच्ची का अब भी पीजीआई में इलाज चल रहा है। मेयर भी खुद रातभर पीजीआई में बच्ची के इलाज के दौरान मौजूद रहीं।
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मेयर पूनम शर्मा ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले दो साल में 13 हजार 280 मामले नगर निगम की डिस्पेंसरी में रजिस्टर किए गए। साथ ही 51,111 स्ट्रे डाग को वैक्सिन दी गई और 953 कुत्तों की नसबंदी की है।
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ये आंकड़े 21 जुलाई 2013 से लेकर 15 मार्च 2015 के हैं। सेक्टर-19 और 38 की डिस्पेंसरी में डॉग बाइट के शिकार लोगों को सब्सिडी के आधार पर 50 और 100 रुपये में एंटी रेबिज वैक्सिन और एंटी रेबिज सीरम दी जा रही है।

बेटी बचाओ का भी दिया हवाला
मेयर ने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार बेटी बचाओ, देश बचाओ का नारा दे रही है, लेकिन बच्चों के लिए स्ट्रे डॉग से बचना मुश्किल हो रहा है। एंटी रेबिज वैक्सिन देने से बच्चों में बीपी, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियां में होने का खतरा रहता है। इसलिए नियमों पर बदलाव पर ध्यान देना जरूरी है।

हिमायती बन रही पीएफए तो साथ ले जाए स्ट्रे डॉग : मेयर

मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि स्थानीय पीएफए के पदाधिकारी दावा करते हैं कि जब तक कुत्ते को छेड़ा न जाए, तब तक वे किसी को काटते नहीं हैं। पीएफए के पदाधिकारी नगर निगम के पास आएं और शहर के स्ट्रे डॉग को साथ ले जाएं। नगर निगम रखरखाव का खर्च उठाने को भी तैयार है। अगर पीएफए ऐसा नहीं कर सकती तो बच्चों से ज्यादा कुत्तों को अहमियत न दे। अब अगर जरूरत पड़ी तो अदालत में जनहित याचिका भी दायर की जाएगी।


किसी को नहीं है स्ट्रे डॉग को मारने की आजादी : सौरभ गुप्ता

पीएफए के रेजिडेंट (नार्थ इंडिया) सौरभ गुप्ता का कहना है कि अगर कोई आदमी यह कहता है कि कोई मध्यस्थता का रास्ता निकाले तो हम सभी उनके साथ हैं। कुत्तों को मारने की बात की जाएगी तो इसके लिए न तो मंत्री और न ही पीएफए कभी तैयार नहीं होगी। कुत्तों को मारने पर आपराधिक मामला भी दर्ज हो सकता है। मेयर को अदालत में भी जाने की पूरी आजादी है। नगर निगम को चाहिए कि स्ट्रे डॉग की नसबंदी बढ़ाए। जिनकी नसबंदी होती है, उनमें 60 प्रतिशत से ज्यादा स्ट्रे डॉग भौंकना और काटना बंद कर देते हैं। स्ट्रे डॉग्स को भी प्यार करने पर वह कभी किसी को नहीं काटता है।

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