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पंजाब में आज हड़ताल पर रहेंगे 10 हजार निजी चिकित्सक, स्वास्थ्य मंत्री ने काम पर लौटने की अपील की

Tue, 23 Jun 2020 01:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर/चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 23 Jun 2020 01:10 AM IST
सार

  • क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल के विरोध में बंद रहेंगे सूबे के निजी अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम 
  • इमरजेंसी में भी नहीं की जाएगी मरीजों की जांच, सरकारी अस्पताल में बढ़ सकती मरीजों की संख्या

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Ten thousand private doctors will be on strike today in Punjab
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी के विरुद्ध पहली पंक्ति में जुटे डॉक्टर सरकार से नाराज हो गए हैं। पंजाब में लागू किए जा रहे नए क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल के विरोध में राज्य के दस हजार निजी डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे। यह पहली बार होगा जब निजी चिकित्सक इमरजेंसी में भी मरीज की जांच नहीं करेंगे।

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एक्ट के विरोध में आज प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, लैबोरेट्री, डायग्नोस्टिक सेंटर, डेंटल, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथी सेवाएं बंद रहेंगी। सुबह छह से रात आठ बजे तक मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर डॉक्टरों ने मंगलवार को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। 
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आईएमए सचिव डॉ. अमृता राणा ने कहा कि मरीजों को परेशान देखकर डॉक्टरों को बहुत दुख होता है। डॉक्टरों की लड़ाई सरकार से है, उसकी गलत नीतियों के खिलाफ है। सरकार जो एक्ट लागू कर रही है, वह देश के कई राज्यों में लागू किया जा चुका है। इससे सेहत सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की बेवजह दखलअंदाजी बढ़ गई है। इलाज महंगा हो गया। इस एक्ट के खिलाफ आईएमए की कई बैठक स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुईं। हमने एक्ट के विपरीत प्रभावों से सरकार को अवगत करवाया, पर कोई समाधान नहीं निकला। यही वजह है कि अब हमें हड़ताल करना पड़ रहा है।
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आपातकाल में मरीजों को नहीं मिलेगा उपचार 
इस दौरान सबसे ज्यादा चिंता की बात यह होगी कि आपातकालीन स्थिति में आए मरीज मसलन सड़क हादसों में गंभीर जख्मी, गर्भवती महिलाओं को भी इलाज नहीं मिल सकेगा। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ जाएगी। 


स्वास्थ्य मंत्री ने हड़ताल वापस लेने की अपील की
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सोमवार को इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन (आईएमए) द्वारा क्लीनिकल इस्टेबिलशमेंट एक्ट के विरुद्ध प्रस्तावित 23 जून की हड़ताल को वापस लेने की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार प्रस्तावित क्लीनिकल इस्टेबिलशमेंट एक्ट को लेकर आईएमए द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विचार करने के लिए तैयार है, ताकि राज्य के लोगों को कोविड संकट के दौरान निजी स्वास्थ्य क्षेत्र से स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने संबंधी कोई परेशानी न आए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए पंजाब बढ़िया ढंग से काम कर रहा है और सभी मुद्दों का हल निकाला जाएगा।

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