{"_id":"58f4bf7e4f1c1b1774471675","slug":"teenage-mother-in-pathankot","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सबसे कम उम्र में बच्ची की मां बनी 16 साल की लड़की, लेकिन यहां फंस गया मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबसे कम उम्र में बच्ची की मां बनी 16 साल की लड़की, लेकिन यहां फंस गया मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
Updated Tue, 18 Apr 2017 09:30 AM IST
विज्ञापन
नवजात शिशु
- फोटो : Getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
16 साल की उम्र में एक लड़की एक बच्ची की मां बन गई, लेकिन एक मामूली से झूठ ने पूरे मामले को फंसा कर रख डाला। ये मामला पंजाब के पठानकोट का है। जहां सिविल अस्पताल में 16 साल की नाबालिगा द्वारा बच्ची को जन्म दिये जाने का मामला सामने आया है।
मामला रविवार रात का है नाबालिगा की मां ने अस्पताल स्टाफ को लड़की की उम्र 18 साल से अधिक बताई लेकिन आधार कार्ड चेक करने पर स्टाफ को असलियत पता चली।
जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया। शुरूआती जांच में पुलिस को पता चला है कि नाबालिग लड़की जम्मू के कठुआ जिला की रहने वाली है। इसलिए पठानकोट पुलिस ने कठुआ पुलिस को सूचित कर दिया है। अगली कार्रवाई कठुआ पुलिस ही करेगी।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात को सिविल अस्पताल में एक महिला अपनी गर्भवती बेटी को लेकर पहुंची। गर्भवती लड़की के तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। अस्पताल स्टाफ ने गर्भवती को दाखिल करने से पहले जब मां से उसकी उम्र पूछी तो महिला ने बेटी की उम्र 18 साल से अधिक बताई।
विज्ञापन
मामला रविवार रात का है नाबालिगा की मां ने अस्पताल स्टाफ को लड़की की उम्र 18 साल से अधिक बताई लेकिन आधार कार्ड चेक करने पर स्टाफ को असलियत पता चली।
विज्ञापन
जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया। शुरूआती जांच में पुलिस को पता चला है कि नाबालिग लड़की जम्मू के कठुआ जिला की रहने वाली है। इसलिए पठानकोट पुलिस ने कठुआ पुलिस को सूचित कर दिया है। अगली कार्रवाई कठुआ पुलिस ही करेगी।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात को सिविल अस्पताल में एक महिला अपनी गर्भवती बेटी को लेकर पहुंची। गर्भवती लड़की के तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। अस्पताल स्टाफ ने गर्भवती को दाखिल करने से पहले जब मां से उसकी उम्र पूछी तो महिला ने बेटी की उम्र 18 साल से अधिक बताई।
कुंवारी है, लेकिन अब बन गई मां
नाबालिगा ने सिविल अस्पताल में दिया जन्म
- फोटो : Demo Pic
लेकिन गर्भवती लड़की का आधार कार्ड चेक करने पर अस्पताल स्टाफ को पता चला कि लड़की की उम्र महज 16 साल है। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने थाना डिवीजन नं 1 की पुलिस को सूचित कर दिया। नाबालिगा की माता ने बताया कि वह कठुआ के रहने वाले हैं।
उनकी बेटी की उम्र 16 साल है और वह कुंवारी है। महिला ने कहा कि बीते रविवार को उसकी बेटी के तेज पीड़ा होने पर उन्हें पता चला कि उनकी बेटी गर्भवती है। जिसके बाद वह उसकी डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल पठानकोट पहुंचे।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ भूपिंदर सिंह ने कहा कि नाबालिग लड़की की उम्र 16 साल है और वह आठ महीने की गर्भवती थी। उन्होनें कहा कि नाबालिगा और नवजात बच्ची की हालत डिलीवरी के बाद ठीक है।
वहीं थाना डिवीजन नं 1 के प्रभारी इकबाल सिंह ने कहा कि मामले की सूचना मिलने के बाद की गई शुरूआती पूछताछ में यह सामने आया है कि नाबालिग लड़की जेएंडके के जिला कठुआ की रहने वाली है। जिसके बाद कठुआ पुलिस को सूचित कर दिया गया है। अगली कारवाई कठुआ पुलिस द्वारा ही की जाएगी।
उनकी बेटी की उम्र 16 साल है और वह कुंवारी है। महिला ने कहा कि बीते रविवार को उसकी बेटी के तेज पीड़ा होने पर उन्हें पता चला कि उनकी बेटी गर्भवती है। जिसके बाद वह उसकी डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल पठानकोट पहुंचे।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ भूपिंदर सिंह ने कहा कि नाबालिग लड़की की उम्र 16 साल है और वह आठ महीने की गर्भवती थी। उन्होनें कहा कि नाबालिगा और नवजात बच्ची की हालत डिलीवरी के बाद ठीक है।
वहीं थाना डिवीजन नं 1 के प्रभारी इकबाल सिंह ने कहा कि मामले की सूचना मिलने के बाद की गई शुरूआती पूछताछ में यह सामने आया है कि नाबालिग लड़की जेएंडके के जिला कठुआ की रहने वाली है। जिसके बाद कठुआ पुलिस को सूचित कर दिया गया है। अगली कारवाई कठुआ पुलिस द्वारा ही की जाएगी।