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पीयू के सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर शिक्षक समर्थन और छात्र एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी विरोध में उतरे

Sat, 28 May 2022 01:45 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 28 May 2022 01:45 AM IST
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Teacher support and student and non-academic staff protested on the issue of Central University of PU
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर हितधारक बंट गए हैं। शिक्षकों को छोड़कर छात्र और गैर शैक्षणिक कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। छात्र संगठन पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप कर मुद्दे में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं जिससे पंजाब की धरोहर पीयू को बचाया जा सके। पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार को 30 अगस्त तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष हनी ठाकुर ने बताया कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी नहीं बनने देंगे। इस मुद्दे के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया है। अभी दो हजार गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के हस्ताक्षर करवा लिए गए हैं। सभी कर्मचारियों के हस्ताक्षर होने के बाद शिकायत पत्र चांसलर, वाइस चांसलर और शिक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। पीयू के सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने से गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का वेतन से लेकर प्रमोशन तक नुकसान होगा। केंद्र यूनिवर्सिटी को फंड दें, हम इसका विरोध नहीं करते हैं। वहीं दूसरी तरफ शिक्षक वर्ग लंबे समय से सीनेट में पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलवाने की मांग कर रहा है। पुटा भी इसका समर्थन कर रही है क्योंकि गृह मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद चंडीगढ़ के कॉलेजों के शिक्षकों सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा और उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र भी बढ़कर 65 वर्ष हो जाएगी। ऐसे में पीयू शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल पाना गलत है।
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एनएसयूआई ने पंजाब प्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन सौंप हस्तक्षेप करने की मांग की
छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव गुरजोत सिंह संधू ने टीम के साथ पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू को ज्ञापन सौंपा और पंजाब की धरोहर पीयू को केंद्र के हाथ में जाने से बचाने की मांग रखी। वहीं शुक्रवार को एनएसयूआई ने ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वडिंग के साथ मुलाकात की और पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के मुद्दे को विधानसभा में रखने की मांग की। साथ ही इस दिशा में जरूरी कदम उठाने की गुजारिश की। वहीं छात्र संगठन एसएफएस के संदीप ने बताया कि शिक्षक पे स्केल लागू करवाने को लेकर इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का अर्थ है शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा देना। केंद्र सरकार ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट आईआईटी, एनआईटी इत्यादि में निजीकरण को बढ़ावा दिया है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने से क्षेत्रीय छात्रों को नुकसान होगा। सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मांग की बजाय हितधारकों को पंजाब सरकार से बजट की मांग करनी चाहिए। वहीं एबीवीपी के अध्यक्ष अमित पुनिया का कहना है कि पीयू अगर सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनती है तो सुविधाएं बढ़ेंगी, वहीं विदेशी यूनिवर्सिटियों के साथ तालमेल भी बढ़ेगा।
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