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सराहनीय प्रयास: शिक्षक ने कबाड़ से बना दिया डोम थिएटर, अब पृथ्वी से अंतरिक्ष तक का ज्ञान ले रहे विद्यार्थी

Wed, 20 Sep 2023 02:46 PM IST
निवेदिता वर्मा प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज, चंडीगढ़
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 20 Sep 2023 02:46 PM IST
सार

दो लाख रुपये से भी कम के अनुदान में साइंस पार्क के साथ डोम थिएटर बनाना आसान काम नहीं था, लेकिन रवि जायसवाल समेत स्कूल के अन्य शिक्षकों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने इसे मुमकिन कर दिखाया। कम पैसों में सामग्री की खरीद हो जाए इसलिए कबाड़ से थर्माकोल खरीदा गया।

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Teacher of Government High School Maloya Colony chandigarh builds dome theater despite lack of funds
चंडीगढ़ में शिक्षक ने बनाया डोम थियेटर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

चंडीगढ़ में मलोया कॉलोनी के गवर्नमेंट हाईस्कूल के एक शिक्षक ने फंड के अभाव के बावजूद स्कूल में डोम थिएटर का निर्माण कर विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की पढ़ाई को आसान कर दिया। अब विद्यार्थी इसकी मदद से पृथ्वी से अंतरिक्ष तक का ज्ञान ले रहे हैं। खास बात यह है कि शिक्षक ने कबाड़ (टीन, थर्माकोल और कागज की रद्दी) की मदद से डोम थिएटर का निर्माण कराया, जो अब अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। शहर के अन्य स्कूलों में भी इसी तरह डोम थिएटर बनाए जा रहे हैं।
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स्कूल के विज्ञान के शिक्षक रवि जायसवाल ने बताया कि सीमित फंड होने की वजह से वह कुछ बच्चों को ही स्कूल से साइंस सिटी के टूर पर ले पाते थे। विद्यार्थी अक्सर उनसे डोम थिएटर देखने की मांग करते थे। ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों न स्कूल में ही इसे बना दिया जाए। वर्ष 2018 में शिक्षा विभाग से जब स्कूल को साइंस पार्क बनाने के लिए अनुदान मिला तो उन्होंने साइंस पार्क के साथ डोम थिएटर बनाने की कोशिश शुरू कर दी। 
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दो लाख रुपये से भी कम के अनुदान में साइंस पार्क के साथ डोम थिएटर बनाना आसान काम नहीं था, लेकिन रवि जायसवाल समेत स्कूल के अन्य शिक्षकों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने इसे मुमकिन कर दिखाया। कम पैसों में सामग्री की खरीद हो जाए इसलिए कबाड़ से थर्माकोल खरीदा गया। शिक्षकों ने मजदूरी बचाने के लिए खुद ही फर्श पर प्लस्तर किया। लोहे के तारों का गुबंद बनाकर उसमें रद्दी पेपर चिपकाया, दीवारों पर थर्माकोल की परत चढ़ाई और पीवीसी शीट लगाकर निर्माण कार्य पूरा किया।  

क्या है डोम थिएटर
डोम थिएटर एक गोलाकार आधारभूत संरचना है, जिसके अंदर प्रोजेक्टर लगाकर गोलाकार स्क्रीन पर व्यापक रूप से चीजों को देखा जा सकता है। डोम थिएटर बाहर से किसी गुरुद्वारे के ऊपरी ढांचे की तरह गोल दिखता है और अंदर उसी गोलाकार ढांचे को बतौर स्क्रीन की तरह उपयोग कर बच्चे व्यापक स्तर पर चीजों को देख सकते हैं। विज्ञान की पढ़ाई में इससे काफी मदद मिलती है।

शिक्षा मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव स्वीकार
शिक्षकों के इस प्रयास को शिक्षा विभाग ने सराहा। साथ ही इसी तर्ज पर अन्य स्कूलों में भी डोम थिएटर बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव स्वीकार होने पर पिछले साल पांच स्कूलों को डोम थिएटर बनाने के लिए पांच लाख का अनुदान मिला। इस साल दो और स्कूलों में डोम थिएटर बनेंगे। डोम थिएटर बनाने का श्रेय विज्ञान शिक्षक रवि जायसवाल और जेबीटी जसबीर सिंह, पंजाबी टीजीटी सर्वजीत सिंह और फाइन आर्ट्स टीजीटी जसप्रीत सिंह को जाता है।

अब इन स्कूलों में बन चुके हैं डोम थिएटर
- जीएचएस- मलोया कॉलोनी
- जीएमएचएस- आरसी 2 धनास
- जीएमएचएस- विकास नगर मौली जागरां
- जीएमएसएसएस- सेक्टर 16
- जीएमएसएसएस- सेक्टर 56
- जीएमएसएसएस- सेक्टर 39

इन स्कूलों में सत्र 2023-24 में होगा निर्माण
- जीएमएसएसएस- सेक्टर 45
- जीएमएसएसएस- आरसी 2 मलोया
- जीजीएमएसएसएस- सेक्टर 18 (पीएमश्री योजना के अंतर्गत)

रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने की प्रक्रिया जानी
डोम थिएटर में सबसे मजेदार क्लास वह थी जब हमने रॉकेट को अंतरिक्ष में जाते हुए देखा। साथ ही उस पूरी प्रक्रिया को भी जाना जिसके जरिए इतने बड़े-बड़े मिशन साकार हो पाते हैं। - योगेश, छात्र, कक्षा-10


चीजों को देखने का नया नजरिया मिला

विज्ञान के अलावा डोम थिएटर में हम भूगोल की पढ़ाई भी करते हैं। पृथ्वी की परतों से लेकर हिमालय बनने की प्रक्रिया को स्क्रीन पर देखना बेहद रोमांचक लगता है। हिमालय को बनता देख ऐसा लगा सच में हमारी आंखों के सामने वह घटना घटित हो रही हो। पढ़ाई के साथ हमें चीजों को देखने का एक नया नजरिया मिल रहा है। - सीता, छात्रा, कक्षा-10

हम पूरे ब्रह्मांड के बारे में जान चुके हैं

डोम थिएटर में हम पूरे ब्रह्मांड के बारे में जान चुके हैं कि यह कितना विशाल है और कितना विस्तृत है। पर सबसे ज्यादा मजा तब आया जब डोम थिएटर में हमें आंख के भीतर के एलिमेंट को दिखाया गया। हमने आंख के व्हाइट और रेड ब्लड सेल्स, प्रोटोन, न्यूट्रॉन के विस्तार आदि को स्क्रीन पर 3डी में देखा। - सत्यम, छात्र, कक्षा-10
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