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पंजाब: मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई दाखिलों पर रोक, हाईकोर्ट में मामला लंबित; क्या बोले रजिस्ट्रार?
Thu, 10 Sep 2026 08:09 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 10 Sep 2026 08:09 PM IST
सार
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के अनुसार, एनआरआई कोटे की सीटों के आवंटन की आगे की प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश और मामले के अंतिम परिणाम के अनुसार ही की जाएगी।
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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने पंजाब के 28 मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में 2026 सत्र के लिए एनआरआई कोटे के तहत आरक्षित एमबीबीएस की 214 और बीडीएस की 217 सीटों की सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
यूनिवर्सिटी ने यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिला प्रक्रिया को लेकर लंबित याचिका के चलते लिया है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के अनुसार, एनआरआई कोटे की सीटों के आवंटन की आगे की प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश और मामले के अंतिम परिणाम के अनुसार ही की जाएगी।
इससे पहले पहले राउंड की काउंसलिंग में एनआरआई कोटे के तहत 47 एमबीबीएस और 3 बीडीएस सीटें आवंटित की जा चुकी थीं। यह मामला एक अभ्यर्थी द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया। अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि उसके पिता की बहन (बुआ), जो अमेरिका की नागरिक हैं, ने निर्धारित प्रारूप में प्रमाणपत्र और हलफनामा जमा किया था, इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने उसे एनआरआई कोटे के तहत पात्र मानने से इनकार कर दिया।
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यूनिवर्सिटी ने यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिला प्रक्रिया को लेकर लंबित याचिका के चलते लिया है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के अनुसार, एनआरआई कोटे की सीटों के आवंटन की आगे की प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश और मामले के अंतिम परिणाम के अनुसार ही की जाएगी।
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इससे पहले पहले राउंड की काउंसलिंग में एनआरआई कोटे के तहत 47 एमबीबीएस और 3 बीडीएस सीटें आवंटित की जा चुकी थीं। यह मामला एक अभ्यर्थी द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया। अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि उसके पिता की बहन (बुआ), जो अमेरिका की नागरिक हैं, ने निर्धारित प्रारूप में प्रमाणपत्र और हलफनामा जमा किया था, इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने उसे एनआरआई कोटे के तहत पात्र मानने से इनकार कर दिया।
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यूनिवर्सिटी ने जारी किया लेटर
- फोटो : अमर उजाला
याचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी के प्रॉस्पेक्टस और 27 मई के नोटिस का हवाला देते हुए दावा किया कि निर्धारित एनआरआई रिश्तेदारों द्वारा पाले-पोसे गए उम्मीदवारों को भी कोटे के तहत विचार योग्य माना गया है। 7 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि एनआरआई उम्मीदवारों के लिए आरक्षित 214 एमबीबीएस सीटों के मुकाबले केवल 63 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
हाईकोर्ट ने कम आवेदनों को देखते हुए यूनिवर्सिटी को इस संबंध में निर्णय लेने और यह बताने के निर्देश दिए कि क्या खाली सीटों पर इन आवेदकों को दाखिला दिया जा सकता है। इसके बाद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने एनआरआई कोटे की काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया को हाईकोर्ट के अगले आदेश तक स्थगित कर दिया।
हाईकोर्ट ने कम आवेदनों को देखते हुए यूनिवर्सिटी को इस संबंध में निर्णय लेने और यह बताने के निर्देश दिए कि क्या खाली सीटों पर इन आवेदकों को दाखिला दिया जा सकता है। इसके बाद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने एनआरआई कोटे की काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया को हाईकोर्ट के अगले आदेश तक स्थगित कर दिया।