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परिवहन मंत्री के साथ दो घंटे हुई वार्ता में नहीं बनी सहमति, नरम-गरम माहौल में अनेक मुद्दों पर हुई चर्चा

Thu, 04 Jun 2020 08:56 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 04 Jun 2020 08:56 PM IST
सार

  • निजी ट्रांसपोर्टरों को 273 परमिट देना चाह रही सरकार 
  • तालमेल कमेटी की आठ जून से आंदोलन की घोषणा

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Talmel committee meeting with Haryana Transport Minister Mool Chand Sharma at Haryana niwas
तालमेल कमेटी के साथ परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा की मीटिंग।

विस्तार

हरियाणा परिवहन विभाग स्टेज कैरिज स्कीम से पीछे हटने को तैयार नहीं है तो रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी इसे रद्द करने पर अड़ गई है। गुरुवार को हरियाणा निवास में परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई वार्ता में स्कीम पर एक राय नहीं बन पाई। दो घंटे चली वार्ता में नरम-गरम माहौल के बीच अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई। 

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सरकार ने साफ कर दिया कि स्कीम को संशोधनों के साथ लागू करते हुए निजी ट्रांसपोर्टरों को 273 रूट परमिट दिए जाएंगे। इसके विरोध में तालमेल कमेटी ने 8 जून से स्कीम के विरोध में आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। 8 जून को डिपो स्तर पर प्रदर्शन कर रोडवेज कर्मचारी जीएम के जरिये निदेशक, परिवहन को ज्ञापन भेजेंगे। 16 से 29 जून तक सभी जिलों में जाकर स्कीम के बारे में कर्मचारियों को कमेटी अवगत कराएगी।
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परिवहन मंत्री ने कहा कि स्कीम पर सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं। तालमेल कमेटी ने अपने सुझाव दिए हैं। प्रधान सचिव, परिवहन अनुराग रस्तोगी ने बताया कि स्टेज कैरिज स्कीम 2016 में संशोधन के लिए जनवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं। उसके अनुसार मुलाजिमों से चर्चा की गई। वीसी से सभी जिलों की मीटिंग भी की है। 

जिला स्तर पर अधिकारियों से फीडबैक लेंगे। रोडवेज तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य इंद्र सिंह बधाना, दलबीर किरमारा, वीरेंद्र धनखड़, पहल सिंह तंवर, दिनेश हुड्डा, आजाद गिल, सूरजमल पाबड़ा व स्वर्ण जांगड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्कीम को रद्द करने या तब्दीली करने के आदेश दिए हैं। 

सरकार स्कीम को रद्द करने की बजाय तब्दीली करने पर जोर दे रही है। 273 निजी बसों को परमिट स्वीकार नहीं करेंगे। कमेटी स्कीम का विरोध करती है। निजी बस में दो लोगों को अस्थायी रोजगार मिलता है, जबकि सरकारी बसों में एक बस पर छह को स्थायी रोजगार मिलता है। बैठक में निदेशक परिवहन डॉ. वीरेंद्र दहिया और परिवहन आयुक्त एसएस फुलिया इत्यादि मौजूद रहे।

इन मुद्दों पर चर्चा के बाद बनी सहमति

  • प्राइवेट समिति की बसों के टाइम टेबल एडजस्ट करते समय आरटीए कार्यालयों के रोडवेज के पक्ष को अनसुना करने पर कमेटी ने मंत्री के सामने सख्त एतराज जताया।
  • हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत दर्ज केस स्थगित करने को लेकर प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी सूची तैयार कर दोबारा गृह विभाग को भेजेंगे।
  • रोडवेज चालक, परिचालक को 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी का लाभ देने की मांग पर मंत्री का सकारात्मक रुख रहा।
  • किराए को राउंड फिगर में करने पर सहमति जताई गई।
  • वर्कशॉप कर्मचारियों की रद्द की गई छुट्टियां जल्द ही बहाल कर दी जाएंगी, 2008 में भर्ती और स्पेशल वेतन वृद्धि से वंचित रहे चालक, परिचालकों को इसका लाभ मिलेगा।
  • एक्सग्रेशिया के तहत पात्र आश्रितों को नौकरी के लिए जल्दी कार्रवाई की जाएगी।
  • 2016 में भर्ती हुए चालक सर्विस में बने रहेंगे और कंप्यूटर ऑपरेटर को एक्सटेंशन मिलेगी।
  • परिचालकों के लिए ई-टिकटिंग मशीन के टेंडर आगामी 25 दिन में किए जाएंगे।
  • रोडवेज कर्मचारियों की सभी कैटेगरी की पदोन्नति आगामी 15 दिन में होगी।
     

कोरोना ने रोकी 867 रोडवेज बसों की राह

परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि कोरोना न आता तो 867 बसें हरियाणा रोडवेज के बेड़े में शामिल हो चुकी होती। कर्मचारियों ने मुश्किल की इस घड़ी में जिस निष्ठा के साथ अपना फर्ज निभाया है, उसके लिए वे सभी बधाई के पात्र हैं। विभाग में अगर किसी की पदोन्नति होनी है तो इसमें किसी भी तरह का विलंब उचित नहीं है। 

उन्होंने कहा कि विभाग में यार्ड मास्टर के 82 पद स्वीकृत करवाए गए हैं, जिन पर परिचालकों की पदोन्नति हो सकेगी। कर्मचारियों के लंबित भुगतान के संबंध में महाप्रबंधक कर्मचारियों की बकाया राशि की सूची मुख्यालय भिजवाएं। बसों में चालक-परिचालक के लिए अलग से केबिन बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग का कार्य मुनाफा कमाना नहीं बल्कि लोगों की सेवा करना है।

रोडवेज के बगैर सार्वजनिक परिवहन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए निजी रूट परमिट देते समय विभाग के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। जल्द ही आरटीए सचिवों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें बसों का टाइम-टेबल बनाने, रूट निर्धारित करने और सरकार के आदेशों की अनुपालन सुनिश्चित करवाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। डिपो महाप्रबंधकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक करेंगे। 

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