विज्ञापन

विभाजन के बाद का दर्द दिखा ‘कौन है ये गुस्ताख’ में

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Mon, 25 Jul 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
taigore theatre
taigore theatre - फोटो : amar ujala
ख़बर सुनें
टैगोर थिएटर में अदाकार मंच मोहाली व पंजाब संगीत नाटक अकादमी की तरफ से थिएटर फॉर पीस फेस्टिवल हमसाया के तहत रविवार को ‘...कौन है ये गुस्ताख’ नाटक का मंचन हुआ। 
विज्ञापन

यह नाटक सआदत हसन मंटो की कहानियों पर आधारित रहा।
जिसमें मंटो की कहानियों खोल दो, अफ़सोस, ठंडा गोश्त, टोबाटेक  सिंह को जोड़ कर एक नाटक पेश किया गया। इसमें  कहानी के माध्यम से देश के विभाजन, दंगों और सांप्रदायिकता के दृश्य पेश किए गए। इसमें मंटो की आपबीती और उनके सफ़र के बारे में बताया गया है। भारत पाक विभाजन के बाद के दर्द को भी नाटक में दिखाया गया है।
नाटक में मंटो का एक और पहलू भी सामने आया की उनके अंदर एक औरत भी रही। जो हर बार एक किरदार बन कर उसके सामने आती है और उसको कहानी लिखने  के लिए प्रेरित करती है।  वह औरत मंटो की प्रेरणा रही है। जब भी मंटो को लगता कि वह कुछ खास नहीं लिखता और जो भी लिखा वह सही नही होता। उसी समय उनके अंदर की औरत फिर से किरदार बन कर उनको समझाती है और सही गलत के बीच का फर्क समझाती है।

इस प्रेरणा केबाद मंटो और बेहतर तरीके से लिख पाते थे। अपनी आखिरी कहानी मंटो ने एक बुज़ुर्ग महिला पर लिखी जो सत्य घटना पर आधारित रही। इस कहानी में महिला को सड़क पर घायल कर छोड़ दिया जाता है। मंटो जो देखते थे उसे ही लिखते थे। वह  ऐसे साहित्यकार रहे, जिनको लोग आज भी बहुत पसंद करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us