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जब टैगोर में बजा- 'सारे जहां से अच्छा' तो खूब बजीं तालियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 25 Jan 2017 12:31 AM IST
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टैगोर में गूंजे देश भक्ति गाने
- फोटो : अमर उजाला
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टैगोर थिएटर में मंगलवार को नए और पुराने देश भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। मौका था ‘सारे जहां से अच्छा’ एक म्यूजिकल शाम का, जिसका आयोजन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से गणत्रंत दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रदीप भराद्वाज ने फिल्म सिंकदर ए आजम के गाने जहां डाल डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा से की। इसके बाद संजीव मागो ने फिल्म पूरब और पश्चिम के गाने है प्रीत जहां की रीत सदा, वतन पे जो फिदा होगा पर प्रस्तुति दी। राजेश कौशल ने जिस देश में गंगा बहती है फिल्म के गाने होठों पर सच्चाई रहती है और कल चले हम फि दा पर शानदार प्रस्तुति दी। वहीं सुशील नागपाल, आर डी कैले ने भी अपनी प्रस्तुति से सभी को देश भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
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कार्यक्रम की शुरुआत प्रदीप भराद्वाज ने फिल्म सिंकदर ए आजम के गाने जहां डाल डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा से की। इसके बाद संजीव मागो ने फिल्म पूरब और पश्चिम के गाने है प्रीत जहां की रीत सदा, वतन पे जो फिदा होगा पर प्रस्तुति दी। राजेश कौशल ने जिस देश में गंगा बहती है फिल्म के गाने होठों पर सच्चाई रहती है और कल चले हम फि दा पर शानदार प्रस्तुति दी। वहीं सुशील नागपाल, आर डी कैले ने भी अपनी प्रस्तुति से सभी को देश भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
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