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Haryana: एक हजार अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर पर छंटनी की तलवार, खाली पद स्थायी भर्ती से भरे जाएंगे
Sat, 01 Oct 2022 02:06 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 01 Oct 2022 02:06 AM IST
सार
सरकार के निर्णय से अनुबंधित प्रोफेसर भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वहीं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के सरकारी विश्वविद्यालयों में दस-पंद्रह साल से कार्यरत लगभग एक हजार अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर पर छंटनी की तलवार लटक गई है। सरकार ने विवि में खाली पदों को स्थायी भर्ती से भरने जा रही है। विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र जारी हो चुका है। सरकार के निर्णय से अनुबंधित प्रोफेसर भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में आवश्यक हस्तक्षेप करने की मांग की है। संघ ने आग्रह किया है कि वर्षों से काम कर रहे अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को भरा हुआ मानकर बाकी खाली पदों पर पक्की भर्ती की जाए।
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संघ के राज्य प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि पक्की भर्ती कर पुराने अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करना रोजगार देना नहीं है। अनुबंध प्रोफेसर को पक्का करते हुए पूर्ण सेवा सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। ये असिस्टेंट प्रोफेसर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही चयनित हुए हैं।
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लांबा ने कहा कि संघ नियमित भर्ती का पक्षधर है, लेकिन खाली पदों में से एक हजार पर अनुबंधित, अस्थायी व विजिटिंग फैकल्टी के रूप में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर प्रारंभिक वेतन में छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं। सरकार को उन्हें भी सेवा सुरक्षा देनी चाहिए।
उन्होंने दो टूक कहा कि अगर अनुबंध पर लगे असिस्टेंट प्रोफेसर को नौकरी से निकाला गया तो विश्वविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। अन्य विभागों के कर्मचारी भी आंदोलन का पुरजोर समर्थन करेंगे।
अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रदेश संगठन हुकटा के अध्यक्ष विजय कुमार मलिक व महासचिव अजय कुमार ने कहा कि सभी पदों को खाली मानने से अनुबंधित शिक्षकों के परिवार पर आर्थिक संकट आ जाएगा। बहुत से कर्मचारी ओवरएज हो चुके हैं।